तालिबान के उच्च शिक्षा मंत्री ने गुरुवार को कहा कि अफगान विश्वविद्यालयों को महिलाओं के लिए प्रतिबंधित घोषित कर दिया गया है क्योंकि छात्राएं उचित ड्रेस कोड सहित निर्देशों का पालन नहीं कर रही हैं.
नेदा मोहम्मद नदीम ने सरकारी टेलीविजन पर एक साक्षात्कार में कहा, "जो छात्राएं घर से विश्वविद्यालयों में आ रही थीं, वे भी हिजाब के निर्देशों का पालन नहीं कर रही थीं...वे ऐसे कपड़े पहन रही थीं, जैसे किसी शादी में जा रही हों."
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गौरतलब है कि तालिबान के अधिकारियों ने मंगलवार को अफगान लड़कियों के लिए विश्वविद्यालय शिक्षा पर अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था. उच्च शिक्षा मंत्रालय ने इसको लेकर सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों को पत्र जारी किया था. उच्च शिक्षा मंत्री नेदा मोहम्मद नदीम द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है कि आप सभी को अगली सूचना तक महिलाओं की शिक्षा निलंबित करने के उल्लिखित आदेश को लागू करने के लिए सूचित किया जाता है.
पत्र को ट्वीट करने वाले मंत्रालय के प्रवक्ता जियाउल्लाह हाशिमी ने एएफपी को एक टेक्स्ट संदेश में आदेश की पुष्टि की थी.
देशभर में हजारों लड़कियों और महिलाओं के विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा में बैठने के तीन महीने से भी कम समय के अंदर उच्च शिक्षा पर प्रतिबंध वाला ये आदेश आया. कई लड़कियों ने पढ़ाई करके भविष्य में इंजीनियर और डॉक्टर बनने की इच्छा जताई थी.
पिछले साल अगस्त में कट्टरपंथी इस्लामवादियों द्वारा देश पर कब्जे के बाद, विश्वविद्यालयों को लिंग के आधार पर अलग कक्षाओं और प्रवेश सहित नए नियमों को लागू करने के लिए मजबूर किया गया था, जबकि महिलाओं को केवल महिला प्रोफेसरों या बूढ़े पुरुषों द्वारा पढ़ाए जाने की अनुमति थी.
देश भर में अधिकांश किशोर लड़कियों को पहले से ही माध्यमिक विद्यालय शिक्षा से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिससे विश्वविद्यालय में प्रवेश अब सीमित हो गया है.
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