
ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख शहर सिडनी के मार्टिन प्लेस स्थित एक कैफे में सोमवार को एक भारतीय सहित 30 लोगों को बंधक बनाने वाले बंदूकधारी की पहचान हारून मोनिस के रूप में हुई है। वह ऑस्ट्रेलियाई मुस्लिम समुदाय का नेता है, जिसे अपने ही समुदाय का समर्थन नहीं है।
समुदाय के एक प्रख्यात नेता ने कहा, 'वह एक स्वयंभू धर्मगुरु है।' उन्होंने कहा, 'उसका अपना एजेंडा है और वह उसके लिए काम करता है।'
सिडनी मॉर्निग हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, 50 वर्षीय मोनिस न तो न्यू साउथ वेल्स पुलिस के लिए अपरिचित है और न ही अदालत के लिए। पहली बार तब लोगों की उस पर निगाह गई थी, जब सात वर्ष पहले उसने ऑस्ट्रेलिया के शहीद सैनिकों के परिवारों को जहरभरी चिट्ठियां लिखी थी। हाल ही में उस पर अभद्रता और यौन शोषण के 50 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। वह खुद को काले जादू का जानकार बताता था।
मोनिस उर्फ शेख हारुन उर्फ मोहम्मद हसन मेंतेगी का जन्म ईरान में हुआ है और फिलहाल वह दक्षिण सिडनी के बेक्सली नॉर्थ में रह रहा है।
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