
श्रीलंका के राष्ट्रपति सीरीसेना
कोलंबो:
श्रीलंका की सरकार ने राष्ट्रपति की कार्यकारी शक्तियों को समाप्त करने और अधिकांश शक्तियों को संसद को देने से संबंधित एक प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने कार्यकारी राष्ट्रपति व्यवस्था समाप्त करने की मांग वाला एक प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा। राष्ट्रपति ने एक नई चुनाव प्रणाली के लिए भी समर्थन मांगा, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
राष्ट्रपति ने इसके पहले कहा, "मैं एक नई चुनाव प्रणाली लाना चाहता हूं जो संसद के प्रति जवाबदेह हो, कार्यकारी राष्ट्रपति व्यवस्था समाप्त किया जाए और इसकी शक्तियां संसद और स्वतंत्र आयोगों को स्थानांतरित कर दी जाएं।"
उन्होंने यह भी कहा कि एक नया संविधान बनाने, चुनावी घोषणा पत्र में किए वादे पूरे करने के संबंध में भी चर्चाएं की जा रही हैं। राष्ट्रपति ने कहा, "नई सरकार ने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की चाहत पूरी करने के लिए निर्वाचन आयोग गठित करने के लिए कदम उठाए हैं। इसके बारे में 40 वर्षों से अधिक समय से चर्चा हो रही है।"
उन्होंने कहा, "नई सरकार ने मानवाधिकारों, लोकसेवा, न्यायालयों और रिश्वत व भ्रष्टाचार जैसे महत्वपूण्र क्षेत्रों से संबंधित संस्थान भी स्थापित किए हैं।" सिरिसेना ने कहा कि नई सरकार ने गरीबी उन्मूलन, आजादी कायम करने, मुफ्त स्वास्थ्य एवं शिक्षा को बढ़ावा देने से संबंधित कई योजनाएं लागू की हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने कार्यकारी राष्ट्रपति व्यवस्था समाप्त करने की मांग वाला एक प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा। राष्ट्रपति ने एक नई चुनाव प्रणाली के लिए भी समर्थन मांगा, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
राष्ट्रपति ने इसके पहले कहा, "मैं एक नई चुनाव प्रणाली लाना चाहता हूं जो संसद के प्रति जवाबदेह हो, कार्यकारी राष्ट्रपति व्यवस्था समाप्त किया जाए और इसकी शक्तियां संसद और स्वतंत्र आयोगों को स्थानांतरित कर दी जाएं।"
उन्होंने यह भी कहा कि एक नया संविधान बनाने, चुनावी घोषणा पत्र में किए वादे पूरे करने के संबंध में भी चर्चाएं की जा रही हैं। राष्ट्रपति ने कहा, "नई सरकार ने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की चाहत पूरी करने के लिए निर्वाचन आयोग गठित करने के लिए कदम उठाए हैं। इसके बारे में 40 वर्षों से अधिक समय से चर्चा हो रही है।"
उन्होंने कहा, "नई सरकार ने मानवाधिकारों, लोकसेवा, न्यायालयों और रिश्वत व भ्रष्टाचार जैसे महत्वपूण्र क्षेत्रों से संबंधित संस्थान भी स्थापित किए हैं।" सिरिसेना ने कहा कि नई सरकार ने गरीबी उन्मूलन, आजादी कायम करने, मुफ्त स्वास्थ्य एवं शिक्षा को बढ़ावा देने से संबंधित कई योजनाएं लागू की हैं।
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