श्रीलंका की सबसे खूंखार जेलों में से एक में हुई हिंसा में 4 गार्ड और 19 कैदियों की मौत हो गई जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए. यह देश में पिछले 6 सालों से ज्यादा समय में हुआ सबसे घातक जेल दंगा है. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने बताया कि राजधानी कोलंबो की मुख्य जेल में ड्रग्स के धंधे से जुड़े दो गैंग के कैदियों के बीच रात भर झड़प चली. हिंसा के बाद घायलों को कोलंबो के उत्तर में स्थित नेगोम्बो अस्पताल ले जाया गया.
अस्पताल की डायरेक्टर पुष्पा गामलाथ ने बताया कि उनके सरकारी अस्पताल में 23 शव लाए गए और 100 से ज्यादा घायल कैदियों और गार्डों को भी भर्ती कराया गया. गामलाथ ने टेलीफोन पर AFP को बताया, "कुछ को गोली लगी है, जबकि कुछ को कटने और गंभीर चोटें आई हैं."
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शुरुआती जांच से पता चला है कि हिंसा जेल के अंदर ड्रग तस्करी की गतिविधियों का कथित तौर पर समर्थन करने वाले एक ग्रुप और ऐसी गतिविधियों का विरोध करने वाले दूसरे ग्रुप के बीच हुई.
जांच कथित ड्रग ट्रैफिकिंग विवाद पर केंद्रित होगी
शुरुआती जांच से पता चलता है कि हिंसा जेल के अंदर ड्रग ट्रैफिकिंग में कथित तौर पर शामिल कैदियों के एक ग्रुप और उन गतिविधियों का विरोध करने वाले दूसरे ग्रुप के बीच टकराव से शुरू हुई होगी.
अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या जेल के अंदर चल रहे ऑर्गेनाइज्ड क्रिमिनल नेटवर्क ने झड़पों को शुरू करने या बढ़ाने में कोई भूमिका निभाई. मामला बढ़ने के बाद, श्रीलंकाई अधिकारियों ने स्थिति को कंट्रोल में लाने के लिए दंगा कंट्रोल यूनिट के साथ पुलिस स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को तैनात किया. ओेआगे की हिंसा को रोकने के लिए तुरंत उठाए गए कदमों के तहत, तीन कैदियों को पल्लनसेना जेल कैंप में ट्रांसफर कर दिया गया।
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