अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पुतिन को बताया कसाई, रॉकेट हमलों से दहला Lviv शहर, 10 बड़ी बातें

Russia Ukraine War: यूक्रेन और रूस के बीच में जंग छिड़े तकरीबन एक महीना हो चुका है. लेकिन दोनों देशों के बीच का संघर्ष खत्म होता नहीं दिख रहा है. इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पोलैंड के वारसॉ में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की जमकर आलोचना की. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, जब बाइडेन से पूछा गया कि यूक्रेनी शरणार्थियों को देखकर उन्हें क्या लगता है तो बाइडेन ने जवाब में कहा कि पुतिन एक कसाई हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पुतिन को बताया कसाई, रॉकेट हमलों से दहला Lviv शहर, 10 बड़ी बातें

Ukraine War: रॉकेट के धमाकों से दहला Lviv

नई दिल्ली: Russia Ukraine War: यूक्रेन और रूस के बीच में जंग छिड़े तकरीबन एक महीना हो चुका है. लेकिन दोनों देशों के बीच का संघर्ष खत्म होता नहीं दिख रहा है. इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पोलैंड के वारसॉ में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की जमकर आलोचना की. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, जब बाइडेन से पूछा गया कि यूक्रेनी शरणार्थियों को देखकर उन्हें क्या लगता है तो बाइडेन ने जवाब में कहा कि पुतिन एक कसाई हैं.

युद्ध से जुड़े दस ताजातरीन अपडेट्स

  1. यूक्रेन और रूस के बीच में जंग छिड़े तकरीबन एक महीना हो चुका है. लेकिन दोनों देशों के बीच का संघर्ष खत्म होता नहीं दिख रहा है. यूक्रेन के Lviv  में आज रॉकेट हमले में कम से कम 5 लोग घायल हो गए. अधिकारियों ने लोगों से किसी जगह पर शरण लेने का आग्रह किया. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पोलैंड में एक भाषण के दौरान इस लड़ाई के लंबे वक्त तक चलने की चेतावनी दी.

  2. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि अमेरिका पहले ही यह कह चुका है कि वह यूक्रेन से पलायन करने वाले एक लाख लोगों को शरण देगा. साथ ही बाइडेन बोले कि हमारी तरफ से यूक्रेन को हर संभव मदद मिलती रहेगी. उन्होंने कहा कि हमारी तरफ से दी जाने वाली मदद इसलिए नहीं पहुंच पा रही क्योंकि रूसी सेना बीच में ही उसे रोक देती है.

  3. रूसी घेराबंदी का शिकार यूक्रेन का चर्नीहीव शहर मलबे की ढेर में बदल गया है और दिन में यहां रह रहे लोग पीने के लिए पानी को तरस रहे हैं और थोड़े से भोजन की खोज में बम और गोलों के धमाकों के बीच बाहर आने का खतरा उठा रहे हैं. मारियुपोल की तरह ही रूसी सैनिकों ने चर्नीहीव की घेराबंदी की है. यहां सड़क पर पड़ी लाशें दिख रही है और यहां भी लोग विनाश को देख रहे हैं.

  4. अमेरिका ने यूक्रेन को नागरिक सुरक्षा सहायता में 100 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त मदद प्रदान करने की बात कही है. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा कि सीमा सुरक्षा, नागरिक कानून प्रवर्तन कार्यों को बनाए रखने और महत्वपूर्ण सरकारी बुनियादी ढांचों की रक्षा करने के लिए यूक्रेन को ये मदद मुहैया कराई जाएगी.

  5. अमेरिका (America) के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पोलैंड (Poland) से दुनिया को संबोधित किया. उन्होंने कहा, ‘डरिए मत.' बाइडेन ने कहा, ‘हम स्वतंत्रता की महान लड़ाई लड़ रहे हैं. ये लड़ाई लोकतंत्र और निरंकुशता के बीच, स्वतंत्रता और दमन के बीच की हो रही है. इस जंग में हमें स्पष्ट नजरिया रखने की जरूरत है. आगे की लंबी लड़ाई के लिए हमें खुद को मजबूत करने की जरूरत है.' 

  6. रूसी सेना का कहना है कि यूक्रेन में उसके सैन्य अभियान का पहला चरण समाप्त हो गया है और अब उसके सैनिक पूर्वी डोनबास क्षेत्र की पूर्ण "मुक्ति" पर ध्यान केंद्रित करेंगे. यूक्रेन के अभियोजक जनरल ने कहा कि रूस के सैन्य अभियान शुरू करने के बाद से यूक्रेन में 136 बच्चे मारे गए हैं. द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन में अपनी यूनिट को भारी नुकसान होने के बाद रूसी सैनिकों ने कर्नल यूरी मेदवेदेव को खुद ही मार दिया.

  7. यूक्रेन के शहर मारियुपोल के मेयर ने शनिवार को कहा कि उन्होंने फ्रांस के राजदूत से नागरिकों को निकालने के विकल्पों के बारे में बात की थी. फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने कहा था कि वह रूस को लोगों को छोड़ने में मदद करने की योजना का प्रस्ताव देंगे.

  8. यूक्रेन की राजधानी कीव के मेयर ने कुछ घंटे पहले घोषित किए गए कर्फ्यू को रद्द कर दिया. हालांकि उन्होंने कर्फ्यू को रद्द करने का कोई साफ कारण भी नहीं बताया. शहर के मेयर ने कहा कि रूसी सेना से घिरे शहर मारियुपोल में स्थिति बेहद ही गंभीर बनी हुई है.

  9. यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने शनिवार को पश्चिमी देशों से हाथियारों की मांग करते हुए पूछा कि क्या वे मास्को से डरते हैं. जेलेंस्की बोले कि कई देशों ने एंटी-आर्मर और एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलों के साथ-साथ छोटे हथियार भेजने का वादा किया है, लेकिन कीव को टैंक, विमानों और एंटी-शिप सिस्टम की जरूरत है.

  10. टेलीग्राफ अखबार के मुताबिक ब्रिटिश विदेश मंत्री लिज़ ट्रस का कहना है कि यदि रूस पीछे हटता है तो रूसी व्यक्तियों और कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंध हटाए जा सकते हैं. ब्रिटेन और अन्य पश्चिमी राष्ट्र रूसी अर्थव्यवस्था को कमजोर बनाने के लिए आर्थिक प्रतिबंधों का उपयोग कर रहे हैं, ताकि पुतिन संघर्ष को रोक दें.