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पानी के अंदर तैरता है, हवा में उड़ता है... MIT के बच्चों ने केवल 26 हजार में बनाया गजब का रोबोट- VIDEO

MIT की लैब में बनाया गया यह एक ऐसा रोबोट है, जो हवा और पानी- दोनों जगह काम कर सकता है. यह रोबोट हवा में 6 मीटर प्रति सेकंड से ज्यादा की रफ्तार से उड़ सकता है. पानी में करीब 1 मीटर प्रति सेकंड की गति से तैर सकता है.

पानी के अंदर तैरता है, हवा में उड़ता है... MIT के बच्चों ने केवल 26 हजार में बनाया गजब का रोबोट- VIDEO
MIT के बच्चों ने केवल 26 हजार में बनाया गजब का रोबोट (फोटो- MIT Mechanical Engineering)

समंदर के ऊपर एक छोटी-सी मशीन तेजी से उड़ान भर रही है. तभी अचानक वह बिना रुके पानी में गोता लगाती है और मछली की तरह तैरने लगती है. कुछ सेकंड बाद वही मशीन फिर से लहरों को चीरते हुए आसमान में लौट आती है. हम आपको किसी साइंस-फिक्शन फिल्म का सीन नहीं दिखा रहे हैं, बल्कि MIT की लैब में बनाया गया एक ऐसा रोबोट है, जो हवा और पानी- दोनों जगह काम कर सकता है. दुनिया के सबसे शानदार इंजीनिर्स के घर MIT यानी मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर और स्टूडेंट्स जो मिलकर जो बना दिया है, उसे देखकर सबसे पहले एक ही शब्द जेहन में आता है- कमाल है!

क्यों खास है यह रोबोट?

MIT के इन वैज्ञानिकों ने सिर्फ 300 डॉलर (करीब 29 हजार रुपये) की लागत से एक खास रोबोट तैयार किया है. यह रोबोट अपने पंख फड़फड़ाकर उड़ सकता है और पानी के अंदर तैर भी सकता है. इसे बनाने वाले वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में इसका इस्तेमाल समुद्रों की निगरानी करने और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए किया जा सकता है.

इस रोबोट को बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने पेट्रेल, पफिन और दूसरी गोता लगाने वाली चिड़ियों को गहराई से स्टडी किया. ये पक्षी अपने पंखों का इस्तेमाल हवा में उड़ने और पानी में तैरने, दोनों के लिए करती हैं. वैज्ञानिकों ने यह समझने की कोशिश की कि आखिर ये पक्षी हवा से सीधे पानी में कैसे पहुंच जाते हैं. इस स्टडी के लीड ऑथर और MIT में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर राफेल जुफेरे ने बताया कि पहले भी गोता लगाने वाले पक्षियों पर रिसर्च हुई थी, लेकिन किसी ने उनकी तकनीक को पूरी तरह चलने वाले रोबोट में नहीं बदला था. उनकी टीम ने अलग-अलग पक्षियों के पंखों की गति और आकार को स्टडी किया और उसके आधार पर 250 ग्राम वजनी यह रोबोट बनाया.

इस रोबोट में बैटरी से चलने वाली मोटर लगी है. इसके पंख नायलॉन से बने हैं, जबकि इसकी पूंछ पर ऐसे खास कण लगाए गए हैं, जो पानी को चिपकने नहीं देते. दिलचस्प बात यह है कि रोबोट को खुद नहीं पता होता कि वह हवा में है या पानी में. उसे सिर्फ इतना पता होता है कि उसे हर सेकंड कितनी बार अपने पंख फड़फड़ाने हैं. यही तकनीक उसे दोनों जगह चलने में मदद करती है.

यह रोबोट हवा में 6 मीटर प्रति सेकंड से ज्यादा की रफ्तार से उड़ सकता है, जबकि पानी में करीब 1 मीटर प्रति सेकंड की गति से तैर सकता है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि एक बार बैटरी चार्ज होने पर यह 6 किलोमीटर तक उड़ सकता है या 2 किलोमीटर तक तैर सकता है.

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