- जो रोगन, टकर कार्लसन और थियो वॉन जैसे पूर्व ट्रंप समर्थक अब उनके सबसे कट्टर आलोचक बन गए हैं
- ट्रंप के ईरान युद्ध के छह सप्ताह में दक्षिणपंथी समर्थकों में मोहभंग पैदा हुआ है
- टकर कार्लसन और एंड्रयू शुल्ज़ ने ट्रंप की इजरायल नीति और विदेशी युद्धों के लिए बजट बढ़ाने की आलोचना की है
अमेरिका की राजनीति में 'मैनोस्फीयर' (पुरुष-प्रधान पॉडकास्ट की दुनिया) के बेताज बादशाह माने जाने वाले जो रोगन, टकर कार्लसन और थियो वॉन जैसे नाम कभी डोनाल्ड ट्रंप के कट्टर समर्थक थे, अब उनके सबसे तीखे आलोचक बन गए हैं.
2024 के चुनाव में जिस ट्रंप को सिस्टम के खिलाफ अकेला योद्धा बताया गया था, आज वही ट्रंप अपने ही समर्थकों के बीच वादा खिलाफी के आरोप के घेरे में हैं. ईरान के साथ शुरू हुए युद्ध के छह हफ्तों ने दक्षिणपंथी खेमे में ऐसी दरार पैदा कर दी है, जिसे अब 'युद्ध से उपजा मोहभंग' कहा जा रहा है.
शांति के वादे के बाद युद्ध से आहत हुए समर्थक
दुनिया के सबसे लोकप्रिय पॉडकास्टर जो रोगन ने अपने करोड़ों फॉलोअर्स के सामने यह दर्द साझा किया है. चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने वादा किया था कि वे बेमतलब की जंगखत्म करेंगे, लेकिन आज वे खुद एक बड़े संघर्ष का हिस्सा हैं.
रोगन का मानना है कि ट्रंप अब उसी सिस्टम का हिस्सा बन गए हैं जिसे वे चुनौती देने आए थे. इस रुख ने वे अमेरिकी युवा खासा आहत हैं, जिन्होंने युद्ध विरोधी रुख के कारण ट्रंप को वोट दिया था.
उनके साथ एंड्रयू शुल्ज़ जैसे नाम भी जुड़ गए हैं. शुल्ज़ ने अपने पॉडकास्ट 'फ्लैग्रेंट' में साफ कहा कि ट्रंप ने उस हर बात का उल्टा किया जिसके लिए उन्हें वोट मिला था. उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर उन्हें विदेशी जंग और बजट बढ़ाने वाले को ही चुनना होता तो वे कमला हैरिस को वोट देने में क्या हर्ज था.
गाजा में जारी तनाव को लेकर गुस्सा
लोकप्रिय कॉमेडियन थियो वॉन ने तो गाजा में हो रहे हमलों को 'नरसंहार' कहा है. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की मेजबानी करते हुए उन्होंने वाशिंगटन पर सीधा आरोप लगाया कि अमेरिका इन हमलों के लिए फंडिंग कर रहा है. वॉन ने कड़े शब्दों में कहा, "कभी-कभी ऐसा लगता है कि हम अमेरिका से पहले इजरायल के हितों की चिंता करते हैं." इसी कड़ी में कैंडिस ओवेंस ने 'डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को धोखा दिया' नाम से एक एपिसोड जारी किया है.
इमिग्रेशन रेड पर भी ट्रंप के खिलाफ आए रोगन
ट्रंप की घरेलू नीतियों पर भी सवाल उठ रहे हैं. जो रोगन ने अमेरिका के भीतर हो रही इमिग्रेशन रेड की तुलना नाजी काल के 'गेस्टापो' ऑपरेशंस से कर दी है.
ट्रंप की जीत में क्या थी पॉडकास्टर्स की भूमिका?
ट्रंप की टीम ने 2024 की जीत के लिए इन पॉडकास्टर्स को बड़ी चालाकी से इस्तेमाल किया था, क्योंकि अमेरिका की एक-तिहाई आबादी अब खबरों के लिए इन्हीं पर निर्भर है. जो रोगन के 80 फीसदी श्रोता युवा पुरुष हैं.
ये लोग चुनावी नतीजों को पलटने की ताकत रखते हैं. अब जबकि नवंबर में मिड-टर्म चुनाव नजदीक हैं, इन 'किंगमेकर्स' का ट्रंप से मोहभंग होना रिपब्लिकन पार्टी के लिए खतरे की घंटी है.
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