वाशिंगटन:
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां रॉ और आईएसआई को अपना टकरावपूर्ण रवैया खत्म करना चाहिए और एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाना बंद करने के लिए मेलमिलाप की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा, अफगानिस्तान हमेशा से ही पाकिस्तान विरोधी रहा है, क्योंकि सोवियत संघ और भारत के अफगानिस्तान से करीबी रिश्ते रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1950 के दशक से खुफिया एजेंसियां केजीबी, रॉ और अफगानिस्तान की केएचएडी के बीच सहयोग और बातचीत जारी रही। मुशर्रफ ने वाशिंगटन के प्रख्यात विचार समूह 'कारनेजी एन्डाउमेंट फॉर पीस में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, इसलिए हमें चाहिए कि इसे जारी रहने दें, क्योंकि अगर पाकिस्तान अपने हितों की रक्षा के लिए आईएसआई को कदम उठाने का आदेश देता है, तो किसी को पूर्वाग्रह नहीं रखना चाहिए। उन्होंने कहा इसलिए हमें लगता है कि भारत और पाकिस्तान के बीच और उनकी दोनों खुफिया एजेंसियों के बीच निश्चित रूप से मेलमिलाप होना चाहिए। मुशर्रफ ने कहा कि दोनों के बीच 1950 के दशक से टकराव का रवैया जारी होने के कारण एक दूसरे को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा, इसीलिए मैं कहूंगा कि छोटा कदम भी अभी बहुत महत्वपूर्ण है...जब अमेरिकी नेतृत्व या और कोई कहता है कि पाकिस्तान ने पर्याप्त कदम नहीं उठाए, उसे और कार्रवाई करने की जरूरत है, तो इससे पाकिस्तान में आम आदमी नाराज हो जाता है।
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