- ओहियो में फरवरी में हुए कार हादसे में 17 साल की प्रेग्नेंट लड़की ऐशली की मौत हो गई थी
- मृतका की मां ने बेटी के भारतीय बॉयफ्रेंड तरसेम सिंह को अमेरिका से निकालने की मांग की है
- तरसेम सिंह ने पुलिस के रोकने के बाद भी तेज कार चलाई, जिसके बाद वह दूसरे वाहन से जा टकराई
अमेरिका के ओहियो में फरवरी में हुए रेंज रोवर वेलार कार हादसे में एक 17 साल की प्रेग्नेंट लड़की ऐशली की मौत हो गई थी. लड़की मां ने बेटी मौत के लिए एक 33 साल के भारतीय तरसेम सिंह को जिम्मेदार ठहराया है. उनका आरोप है कि तरसेम सिंह उनकी बेटी के बच्चे का पिता था. वह अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा है.
बेटी के बॉयफ्रेंड को अमेरिका से बाहर निकालो
मृतक लड़की की मां एनेट होम्स चाहती हैं कि आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) आरोपी भारतीय के देश से बाहर निकाल दे. वह नहीं चाहतीं कि तरसेम सिंह अमेरिका में रहे. ऐशली के रिश्तेदारों ने न्यूज़वीक को बताया कि उसने तरसेम सिंह के साथ अपना रिश्ता कई बार तोड़ने की भी कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हो सकी. मृतका की मां का कहना है कि किसी भी लड़की को प्रेमग्नेंट होने पर अपने पहले बच्चे के साथ मरने का हक नहीं है.
उन्होंने आगे कहा कि आरोपी को हमेशा के लिए देश से निकाल दिया जाए, उनको इससे कोई आपत्ति नहीं है. उनको बाद में पता चला कि वह अवैध रूप से अमेरिका में रहने आया था. जहां ठीक लगे उसे भेज दो लेकिन वह उसे अब अमेरिका में रहते नहीं देखना चाहतीं.
कैसे हुए प्रेग्नेंट ऐशली होम्स की मौत?
ऐशली तरसेम सिंह के साथ जिस रेंज रोवर वेलार कार में जा रही थी वह 16 फरवरी को सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थी. अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के समय तरसेम सिंह पुलिस के आदेश पर भी नहीं रुका. उसने कार तेज दौड़ानी शुरू कर दी. कार की स्पीड करीब 100 मील प्रति घंटे तक पहुंच गई थी जिसके बाद टक्कर हो गई.
न्यूज़वीक ने ओहायो स्टेट हाईवे पेट्रोल की दुर्घटना रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रेंज रोवर शुरू में 79 मील प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी. जबकि उस जगह पर स्पीड लिमिट सिर्फ 55 मील प्रति घंटा थी. पुलिस ने जब उसका पीछा किया तो उसकी स्पीड बढ़ाकर 120 मील प्रति घंटे से ज्यादा कर दी गई. गाड़ी एक मोड़ पर कंट्रोल खो बैठी और सड़क के बाईं ओर एक जीप से टकराकर पलट गई. कार पलटते ही प्रेग्नेंट ऐशली उससे बाहर गिर गई. उसे गंभीर चोटें आईं और उसका अजन्मा बच्चा भी जिंदा नहीं रह सका.
जमानत के लिए चुकाने होंगे 10 लाख डॉलर
इस बीच, ICE ने 33 साल के तरसेम सिंह के खिलाफ हिरासत आदेश जारी किया है. इस दौरान वह हिरासत में रहेगा. कोर्ट के फैसले के बाद ही उसे देश से निकाला जा सकता है. मामले पर सुनवाई 17 से 21 अगस्त तक होनी है. उस पर गैर इरादतन हत्या, लापरवाही से हत्या और गंभीर वाहन दुर्घटना में हत्या समेत कई आपराधिक आरोप लगाए गए हैं. संघीय कानून के तहत, उसे जमानत के लिए 10 लाख डॉलर चुकाने होंगे. अब तक कोर्ट ने उसे दोषी साबित नहीं किया है.
गृह सुरक्षा विभाग के मुताबिक, तरसेम सिंह फरवरी 2017 में कैलिफोर्निया की दक्षिणी सीमा से अवैध रूप से ओहियो पहुंचा था. जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था. बाद में एक जज ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया था.
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