
प्रचंड की फाइल तस्वीर
काठमांडू:
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड की माओवादी पार्टी ने देउबा सरकार से बाहर निकलने का अपना फैसला मंगलवार को वापस ले लिया. कुछ दिन पहले पार्टी अगला आम चुनाव लड़ने के लिए मुख्य विपक्षी सीपीएन-यूएमएल के वाम गठबंधन में शामिल हुई थी. स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक सीपीएन (माओवादी सेंटर) के नेता और गृह मंत्री जनार्दन शर्मा ने बताया है कि नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा द्वारा संसदीय और प्रांतीय चुनाव स्थगित करने के मिजाज की जानकारी मिलने के बाद उनकी पार्टी सरकार से तत्काल बाहर नहीं आएगी. संसदीय और प्रांतीय चुनाव की तारीख 26 नवंबर और सात दिसंबर तय है.
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माओवादी सेंटर के एक संसदीय दल की बैठक पेरिस डांडा के कार्यालय में सरकार से बाहर निकलने पर फैसले लेने के लिए हुई थी. मंत्री ने मीडिया को बताया कि उन्हें चुनाव आयोग (ईसी) से चुनावों को स्थगित करने के बारे में एक गुप्त सूचना मिली है. यह खबर ऐसे समय में आई है जब बड़ी संख्या में माओवादी मंत्री इस्तीफा देने की तैयारी कर रहे थे. शर्मा ने कहा, 'हम समय पर चुनाव के आयोजन को सुनिश्चित कराने के लिए सरकार में शामिल हुए थे. अगर चुनाव के आयोजन में विलंब होता है तो हम सरकार से क्यों अलग होंगे. हमने सरकार से अलग होने के मुद्दे को कुछ समय के लिए छोड़ दिया है.'
इससे पहले दिन में सीपीएन (माओवादी सेंटर) ने माओवादी अध्यक्ष प्रचंड और प्रधानमंत्री देउबा के बीच हुई बैठक के बाद सरकार से बाहर आने का निर्णय लिया था.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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माओवादी सेंटर के एक संसदीय दल की बैठक पेरिस डांडा के कार्यालय में सरकार से बाहर निकलने पर फैसले लेने के लिए हुई थी. मंत्री ने मीडिया को बताया कि उन्हें चुनाव आयोग (ईसी) से चुनावों को स्थगित करने के बारे में एक गुप्त सूचना मिली है. यह खबर ऐसे समय में आई है जब बड़ी संख्या में माओवादी मंत्री इस्तीफा देने की तैयारी कर रहे थे. शर्मा ने कहा, 'हम समय पर चुनाव के आयोजन को सुनिश्चित कराने के लिए सरकार में शामिल हुए थे. अगर चुनाव के आयोजन में विलंब होता है तो हम सरकार से क्यों अलग होंगे. हमने सरकार से अलग होने के मुद्दे को कुछ समय के लिए छोड़ दिया है.'
इससे पहले दिन में सीपीएन (माओवादी सेंटर) ने माओवादी अध्यक्ष प्रचंड और प्रधानमंत्री देउबा के बीच हुई बैठक के बाद सरकार से बाहर आने का निर्णय लिया था.
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