
- PM मोदी ने भारत-जापान ज्वाइंट इकोनॉमिक फोरम में टेक्नोलॉजी में साझेदारी पर जोर दिया
- जापानी कंपनियों ने भारत में 40 अरब डॉलर से अधिक निवेश किया है. दो वर्षों में 13 अरब डॉलर निजी निवेश किया है
- भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में 18 प्रतिशत योगदान देता है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत-जापान ज्वाइंट इकोनॉमिक फोरम को संबोधित किया. उन्होंने जापान की टेक्नोलॉजी और भारत के टैलेंट से तस्वीर बदलने की बात कही. भारत की विकास यात्रा में जापान अहम पार्टनर रहा है.
मेट्रो से मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर से स्टार्टअप तक, क्षेत्र में हमारी साझेदीरी आपसी विश्वास का प्रतीक बना है. जापानी कंपनियों ने भारत में 40 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है. पिछले दो सालों में 13 बिलियिन डॉलर का निजी निवेश हुआ है. जापान के लिए भारत सबसे प्रॉमिसिंग नेशन रहा है. 80 पर्सेंट कंपनियां भारत आना चाहती हैं, 75 पर्सेंट मुनाफे में हैं. भारत में अभूतपूर्व ट्रांसफॉर्मेशन हुआ है. भारत में राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता है. भारत विश्व की सबसे तेज ग्रो करने वाली इकॉनमी है. बहुत जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा. वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत का योगदान 18 प्रतिशत है.
पीएम मोदी ने कहा कि ऑटो सेक्टर में हमारी साझेदार सफल रही है. साथ मिलकर हम वही मैजिक बैटरी, सेमीकंडक्टर, शिप बिल्डिंग और न्यूक्लियर एनर्जी में भी दोहरा सकते हैं.ग्लोबल साउथ के विकास में अहम विकास दे सकते हैं. कम मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड है. टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की बात करें तो जापान टेक पावरहाउस है और भारत एक टैलेंट पावर हाउस है. भारत ने एआई, सेमीकंडक्टर, क्वाटंम कम्प्यूटिंग और स्पेस में. जापान की टेक्नोलॉजी और भारत का टैलेंट दुनिया बदले देंगे.
ट्रंप टैरिफ के बाद नए बाजार तलाश रहा भारत
प्रधानमंत्री मोदी की यह जापान यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है. इसके बाद भारत अपने उत्पादों के लिए नए बाजार की तलाश में है. पीएम मोदी जापान के बाद चीन जाएंगे और वहां एससीओ समिट में भी हिस्सा लेंगे. चीन में पीएम मोदी की मुलाकात राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन से भी हो सकती है.
PM मोदी की 8वीं जापान यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह जापान की 8वीं यात्रा है. उन्होंने जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा को 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित करने के लिए धन्यवाद भी दिया. पीएम मोदी मई 2023 में आखिरी बार जापान गए थे. इससे पहले दोनों नेता जून 2025 में कनाडा में जी7 समिट और 2024 में लाओस में 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में मिले थे.
AI और सेमीकंडक्टर चिप पर समझौते संभव
पीएम मोदी के इस दौरे में भारत और जापान के बीच सेमीकंडक्टर चिप, एआई जैसे क्षेत्रों में अहम समझौते हो सकते हैं. पीएम मोदी जापान के सेंडाई शहर भी जाएंगे, जिसे सेमीकंडक्टर चिप निर्माण का हब कहा जाता है. जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा रात को पीएम मोदी के सम्मान में डिनर का आयोजन करेंगे. दोनों देशों के बीच ग्लोबल इकोनॉमी, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और डिफेंस जैसे क्षेत्रों में भी वार्ता के बाद सहयोग बढ़ने से जुड़ी घोषणा होने की संभावना है.
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