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This Article is From Oct 07, 2016

ज्यादातर चीनियों को पड़ोसियों के खिलाफ युद्ध की आशंका : प्यू रिसर्च सर्वे

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ज्यादातर चीनियों को पड़ोसियों के खिलाफ युद्ध की आशंका : प्यू रिसर्च सर्वे
बीजिंग: एक नवीनतम सर्वे में कहा गया है कि भारत चीन के बीच बढ़ती प्रतिद्वंद्विता आम चीनी के जनमानस पर भी हावी है और 30 फीसदी से भी कम लोग भारत के पक्ष में राय रखते हैं जबकि करीब 60 फीसदी लोगों को आशंका है कि पड़ोसी देशों के साथ चल रहे भूभागीय विवाद ''सैन्य टकराव'' तक जा सकते हैं.

अमेरिका के प्यू रिसर्च सेंटर के नवीनतम सर्वे में कहा गया है कि मात्र 26 फीसदी लोग भारत को अनुकूल नजरिये से देखते हैं जिसके साथ चीन के कई भूभागीय विवाद आधी सदी से अधिक समय से चल रहे हैं.

सीमा विवाद के अलावा चीनी मीडिया दोनों एशियाई दिग्गजों के बीच बढ़ती प्रतिद्वंद्विता को लगातार प्रमुखता देता रहा है. खासतौर पर चीन में आर्थिक मंदी के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की उच्च विकास दर और बढ़ते भारत-अमेरिका संबंधों की पृष्ठभूमि में चीनी मीडिया ने दोनों देशों की बढ़ती प्रतिद्वंद्विता को खासा महत्व दिया है.

भारत का चीन से सीमा विवाद है जो कि अरुणाचल प्रदेश पर दावा करता रहा है. वर्ष 1962 में चीन द्वारा अपने साथ मिला लिए गए अक्साई चीन को लेकर भी विवाद है. बीजिंग, दक्षिण चीन सागर के संबंध में कई पड़ोसियों के साथ नौवहन विवाद में उलझा है. पूर्वी चीन सागर में विवादित द्वीपों को लेकर जापान के साथ चीन के मतभेद हैं.

जमीनी सीमा के मामले में कुल 14 देशों में से भारत और भूटान ही ऐसे देश हैं जिनके साथ चीन को सीमा विवाद सुलझाना है. चीनियों में भारत के बारे में जापान की तुलना में बेहतर राय है और 14 फीसदी लोग ही इसमें अनुकूल विचार जाहिर करते हैं जबकि वर्ष 2006 में यह संख्या 63 फीसदी थी.

बहरहाल, उत्तर कोरिया के साथ चीन के करीबी रिश्तों के बावजूद 55 फीसदी चीनी, दक्षिण कोरिया के पक्ष में राय जाहिर करते हैं.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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