पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हक और बुनियादी अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरे आम नागरिकों पर पाकिस्तानी फौजियों ने गोलियां बरसा दी हैं. इस खूनी कार्रवाई में अब तक दर्जनों निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है. इस पूरे नरसंहार पर अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बयान दिया है कि वे अपनी आवाज उठा रहे प्रदर्शनकारियों को पाकिस्तान का दुश्मन मानते हैं और उन्हें भारत की श्रेणी में रखते हैं.
कम से कम 25 लोगों की मौत
रावलकोट और मीरपुर से लेकर पीओके के कई इलाकों में हालात बेकाबू हो चुके हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में हुई हिंसा में 25 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 5 को शुरू हुए इन विरोध प्रदर्शनों के बाद से अब तक 80 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.
ताजा हिंसा मीरपुर में देखने को मिली, जहां पाकिस्तानी सेना ने सीधे आम नागरिकों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी. इसमें 12 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और करीब 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, मीरपुर और आसपास की सड़कें लाशों से पटी पड़ी हैं. एम्बुलेंस की भारी कमी के कारण लोग अपनों को कंधों पर उठाकर अस्पताल ले जाने को मजबूर हैं.
भारत ने जताया ऐतराज
पाकिस्तान की इस क्रूरता और ख्वाजा आसिफ के भड़काऊ बयान पर भारत ने कड़ा ऐतराज जताया है. नई दिल्ली ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए कहा कि इस्लामाबाद निर्दोष नागरिकों पर अत्याचार कर रहा है. भारत ने यह भी साफ किया कि पीओके में कराए जा रहे चुनाव केवल अवैध कब्जे को सही ठहराने का एक दिखावा हैं. तमाम जुल्म और सैन्य कार्रवाई के बावजूद पीओके के नागरिक अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए सड़कों पर डटे हुए हैं.
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