विज्ञापन

पाकिस्तान को भारत-चीन दोस्ती में दिखता है अविश्वास, अमेरिका से लेकर फ्रांस तक की ब्रिक्स कवरेज बेहद दिलचस्प

अमेरिकी डिजिटल सीएनएन तो ब्रिक्स पर चुप्पी साधे हुए है. पर द न्यूयॉर्क टाइम्स में कई खबरें हैं. पहली खबर की हेडलाइन है, 'उभरती ताकतों के क्लब में चीन और भारत अपना असर बढ़ाने की होड़ में हैं.'

ब्रिक्स समिट से पहले आज पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की द्विपक्षीय बातचीत हुई.
  • ब्रिक्स समिट में भारत, रूस, चीन और ईरान के नेता शामिल होंगे, जहां मध्य पूर्व और यूक्रेन युद्ध पर चर्चा होगी
  • भारत और चीन के बीच हाल में संबंधों में नरमी आई है, लेकिन विवादित सीमा और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा बनी हुई है
  • भारत ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए रूस की ओर रुख किया है, जो उसके प्रमुख रणनीतिक साझेदारों में से एक है

ब्रिक्स देश हो रहे एकजुट पर पाकिस्तान समेत पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया दिलचस्प है. ज्यादातर ये उम्मीद पाले हुए हैं कि ब्रिक्स समिट का कुछ खास नतीजा नहीं निकलेगा. उससे भी मजेदार बात ये है कि ईरान तक तो ठीक पर यूक्रेन युद्ध को भी ब्रिक्स समिट की सफलता में रोड़ा माना जा रहा है.

पाकिस्तान को जिनपिंग-मोदी की दोस्ती से दिक्कत

सबसे पहले पाकिस्तान के अंग्रेजी अखबार द डॉन की हेडिंग देखें, 'ब्रिक्स समिट के लिए भारत आए पुतिन; युद्ध की छाया छाई रही'. इस हेडिंग से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि खबर के अंदर क्या होगा. अंग्रेजी अखबार लिखता है, 'रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को भारत पहुंचे. वे 11 सदस्यों वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन से पहले बातचीत के लिए यहां आए हैं. इस सम्मेलन में चीन और ईरान के नेता भी शामिल होंगे और इसमें टकराव और आर्थिक चुनौतियों जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी.

शनिवार से शुरू होने वाले दो दिन के सालाना शिखर सम्मेलन के एजेंडे में मध्य पूर्व और यूक्रेन में चल रहे युद्ध, ग्लोबल ट्रेड में उथल-पुथल और तेल जैसे मुद्दे शामिल होने की उम्मीद है. इसी दिन चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी भारत पहुंचेंगे.

2019 के बाद शी का यह पहला भारत दौरा होगा. हिमालय पर विवादित सीमा पर हुई जानलेवा सैन्य झड़प के छह साल बाद, दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों में आई नरमी की दिशा में यह अब तक का सबसे बड़ा कदम है.

हाल ही में परमाणु हथियार संपन्न इन दोनों एशियाई देशों के बीच संबंध फिर से बेहतर हो रहे हैं; उड़ानें, वीजा और उच्च-स्तरीय संपर्क धीरे-धीरे बहाल किए जा रहे हैं.हालांकि, गहरा अविश्वास बना हुआ है; विवादित सीमा, बढ़ता व्यापार घाटा और रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता अभी भी रिश्तों को जटिल बना रहे हैं.' 

अमेरिका सहित पश्चिमी देशों में क्या रिएक्शन

ब्रिटेन का सबसे बड़ा अखबार द गार्जियन की हेडिंग है, 'ब्रिक्स समिट के लिए पुतिन भारत पहुंचे; समिट में ईरान और यूक्रेन युद्ध का मुद्दा हावी रहने की उम्मीद है'. पाकिस्तान के डॉन की ही तरह हूबहू द गार्जियन की भी खबर है. ईरान और यूक्रेन युद्ध का हौव्वा खड़ा किया गया है. साथ ही भारत और चीन के सुधरते संबंधों पर शक जताया गया है.

अमेरिकी डिजिटल सीएनएन तो ब्रिक्स पर चुप्पी साधे हुए है. पर द न्यूयॉर्क टाइम्स में कई खबरें हैं. पहली खबर की हेडलाइन है, 'उभरती ताकतों के क्लब में चीन और भारत अपना असर बढ़ाने की होड़ में हैं.' दूसरी हेडिंग है, 'उभरती शक्तियों पश्चिम का अल्टरनेट ढूंढ रही हैं, मगर युद्ध उन्हें बांट रहा.' हेडिंग से ही इन खबरों का मर्म समझ सकते हैं. दोनों खबरों में भारत और चीन के बीच प्रतिद्वंद्विता को बढ़ाचढ़ कर लिखा गया है और ये मान लिया गया है कि दोनों देश एक-दूसरे का समर्थन नहीं कर सकते.

फ्रांस 24 की हेडिंग भी कुछ अलग नहीं है.उसकी हेडिंग है, 'ब्रिक्स समिट के लिए पुतिन भारत पहुंचे; समिट में मिडिल ईस्ट और यूक्रेन युद्ध छाए रहने की उम्मीद है.' इसमें भी वही बातें दोहराई गई हैं. इसमें लिखा गया है, 'भारत के ईरान और इज़रायल के साथ अच्छे संबंध हैं, लेकिन वह वॉशिंगटन के साथ अपने रिश्तों में भी बहुत सावधानी से संतुलन बनाए रखता है.

ईरान युद्ध की वजह से पैदा हुए एनर्जी संकट से निपटने के लिए भारत ने रूस का रुख किया है. रूस भारत के सबसे अहम रणनीतिक साझेदारों में से एक है और हाल के वर्षों में, यूक्रेन के साथ युद्ध खिंचने के दौरान, वह भारत का सबसे विवादित ईंधन आपूर्तिकर्ता भी रहा है.' मतलब सीधे तौर पर नहीं, लेकिन फ्रांस भी ब्रिक्स के आयोजन से खुश नहीं दिखा.

यह भी पढ़ें-

मोदी-पुतिन की मुलाकात में क्या सुखोई 57 पर होगी डील-EX मेजर जनरल ने बताया

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Brics Summit, Brics Summit 2026 Delhi, Brics Summit News, BRICS Summit Today, BRICS Summit 2026
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com