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अरब सागर में फंसे भारतीय जहाज की पाकिस्तानी नौसेना ने की मदद, पर इस एक चीज को ठीक करने में खड़े कर दिए हाथ

जहाज ओमान के शिनास से गुजरात के आलंग जा रहा था, जहां इसे तोड़ा जाना था.रास्ते में जहाज का जनरेटर खराब हो गया. इसके बाद जहाज में पूरी बिजली चली गई. यह घटना पाकिस्तान के सर्च एंड रेस्क्यू क्षेत्र में हुई.

अरब सागर में फंसे भारतीय जहाज की पाकिस्तानी नौसेना ने की मदद, पर इस एक चीज को ठीक करने में खड़े कर दिए हाथ
indian vessel stranded in arabian sea
  • पाकिस्तानी नौसेना ने अरब सागर में बिजली बंद होने से फंसे भारतीय जहाज 'गौतम' को सीमित मदद प्रदान की
  • जहाज 3 मई को जनरेटर खराब होने के कारण पूरी तरह बिजली रहित हो गया था और सात क्रू मेंबर सवार थे
  • घटना पाकिस्तान के सर्च एंड रेस्क्यू क्षेत्र में हुई और पाकिस्तान ने खाने-पीने का सामान उपलब्ध कराया था
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नई दिल्ली:

भारत-पाकिस्तान के बीच तल्ख रिश्तों के बीच एक जरूरी खबर सामने आई है. पाकिस्तानी नौसेना ने अरब सागर में फंसे भारतीय जहाज की मदद की है. यह जहाज ओमान के शिनास से गुजरात के आलंग जा रहा था, जहां इसे तोड़ा जाना था.रास्ते में जहाज का जनरेटर खराब हो गया. इसके बाद जहाज में पूरी बिजली चली गई. यह घटना पाकिस्तान के सर्च एंड रेस्क्यू क्षेत्र में हुई. इस इलाके की जिम्मेदारी पाकिस्तान के पास थी. पाक नौसेना ने हालांकि सीमित मदद की. पड़ोसी मुल्क की सेना ने जहाज में फंसे लोगों को खाने-पीने का सामान दिया पर बिजली सिस्टम की मरम्मत उनकी क्षमता से बाहर थी.

जानिए क्या है पूरी घटना? 

भारतीय तटरक्षक बल (ICG) के क्षेत्रीय मुख्यालय (नॉर्थ वेस्ट), गांधीनगर को 4 मई 2026 को रात 11:22 बजे एक स्थिति की जानकारी मिली, जिसमें मर्चेंट वेसल ‘गौतम' (Moroni में पंजीकृत) शामिल था. यह जहाज ओमान के शिनास से गुजरात के आलंग जा रहा था, जहां इसे तोड़ा जाना था. 3 मई को जनरेटर में खराबी के कारण जहाज की पूरी बिजली व्यवस्था ठप हो गई. जहाज पर कुल 7 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें 1 इंडोनेशियाई और 6 भारतीय नागरिक शामिल हैं.

घटना के समय जहाज पाकिस्तान के सर्च एंड रेस्क्यू रीजन (SRR) में मौजूद था.इसके बाद मैरिटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (MRCC), मुंबई ने यह जानकारी पाकिस्तान के अधिकारियों को दी. इसके बाद जहाज पूर्व‑उत्तर दिशा (east‑northeast) की ओर लगभग 1.5 नॉट की गति से बहने (ड्रिफ्ट) लगा. 4 मई 2026 को रात 8:45 बजे तक, जहाज बहकर द्वारका लाइटहाउस से लगभग 262 समुद्री मील दूर, यानी भारतीय सर्च एंड रेस्क्यू रीजन (SRR) में पहुंच गया.

पाकिस्तान नहीं कर पाया ये एक मदद 

इलाके में तैनात भारतीय तटरक्षक जहाज ‘राजरतन' (ICG Ship Rajratan) को जांच के लिए भेजा गया. जहाज के पास पहुंचने पर संपर्क स्थापित किया गया, लेकिन पाया कि मर्चेंट वेसल में सीमित संचार सुविधा ही काम कर रही थी. सिर्फ VHF और AIS सिस्टम बैकअप बैटरी पर चल रहे थे.आगे की जांच में पता चला कि पाकिस्तान मैरिटाइम सिक्योरिटी एजेंसी (PMSA) के तकनीकी कर्मी जहाज पर चढ़ चुके थे.जांच के बाद मुख्य जनरेटर को पूरी तरह खराब घोषित कर दिया गया.

तटरक्षक बल ने मुंबई स्थित डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग से अनुरोध किया है कि वे जहाज के मालिक या एजेंट को उपयुक्त टग बोट की व्यवस्था करने के निर्देश दें, ताकि जहाज को खींचकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा सके. फिलहाल जहाज बिना इंजन के और बिना लाइट के बह रहा है, जिससे आसपास गुजरने वाले जहाजों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है. 6 मई 2026 की सुबह 6:45 बजे तक, ‘एमवी गौतम' करीब 0.6 नॉट की गति से पूर्व‑उत्तर दिशा में बहता रहा और उसकी स्थिति द्वारका से लगभग 264 समुद्री मील दूर बताई गई.

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