नवाज शरीफ के प्रधानमंत्री बनने के बाद भी पाकिस्तान ने भारत में आतंकी अभियानों को मदद देना जारी रखा है। पेंटागन के एक पूर्व शीर्ष अधिकारी एवं प्रतिष्ठित रक्षा विश्लेषक ने अमेरिकी संसद में यह टिप्पणी की।
जनरल (सेवानिवृत्त) जैक कीन ने बुधवार को कहा, वे आंतकी संगठनों के साथ-साथ भारत में आंतकी अभियानों की भी मदद करते हैं। वे अमेरिका, नाटो और अफगानिस्तान के खिलाफ अभियान चलाने में तालिबान और हक्कानी नेटवर्क की मदद करते हैं। उनके हाथ लोगों के खून से सने हैं।
शीर्ष अमेरिकी विचारक संस्थान, 'स्टडी ऑफ वार' के वर्तमान बोर्ड अध्यक्ष कीन ने संसद में कहा कि उन्हें पाकिस्तान की वर्तमान सरकार से ज्यादा उम्मीद नहीं है। कीन ने कहा, यह एक ऐसी सरकार है, जिस पर उसकी सेना का प्रभुत्व है, जो सेना खुद को देश से भी ऊपर रखती है। हमारे पास दरअसल एक कमजोर नागरिक सरकार है। अर्थव्यवस्था रसातल में है। हमारे पास उग्र विद्रोही हैं। हमारे पास एक बढ़ती परमाणु शक्ति है।
आतंकियों के सुरक्षित ठिकाने को एक बड़ा मुद्दा करार देते हुए कीन ने कहा कि अमेरिकी सेना को पाकिस्तान के भीतर हक्कानी नेटवर्क को निशाना बनाने की अनुमति भी दी जानी चाहिए।
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