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जापान के इस शहर में बनने जा रही पहली मस्जिद, मचा खूब बवाल, यह डर है या नफरत?

2025 में जापान की आबादी आबादी करीब 10 लाख घटी लेकिन विदेशी नागरिकों की संख्या 40 लाख से ज्यादा हो गई. क्या जापान आइडेंटिटि क्राइसिस (पहचान के संकट) से जूझ रहा है?

जापान के इस शहर में बनने जा रही पहली मस्जिद, मचा खूब बवाल, यह डर है या नफरत?
जापान के फुजिसावा शहर में बनने जा रही पहली मस्जिद, मचा खूब बवाल

जापान के एक शहर में पहली मस्जिद बनाने की तैयारी है और इसने ऐसा विवाद खड़ा कर दिया है कि यह पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है. समंदर के किनारे बसे जापान के शांत शहर फुजिसावा में पहली मस्जिद बनाने की तैयारी हो रही है. लेकिन इसके विरोध में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए. कोई इसे जापान की बदलती पहचान का संकेत मान रहा है, तो कोई इसे अपनी संस्कृति के लिए खतरा बता रहा है. इस विवाद ने जापान में बढ़ते प्रवास और मुस्लिम समुदाय को लेकर छिड़ी बहस को फिर तेज कर दिया है.

क्यों हो रहा विरोध?

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार जापान की राजधानी टोक्यो से करीब एक घंटे की दूरी पर बसे फुजिसावा में पहली मस्जिद बनाने की योजना का कुछ स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं. इसी साल स्थानीय रेलवे स्टेशन के बाहर हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया. विरोध करने वालों का कहना है कि प्रस्तावित मस्जिद पास के शिंतो मंदिर से बड़ी होगी, जो स्थानीय परंपराओं का सम्मान नहीं करती. विरोध करती जनता का वीडियो नीचे देखिए.

इस विवाद के बीच सोशल मीडिया पर मस्जिदों को लेकर गलत जानकारी और नफरत फैलाने वाले संदेश भी तेजी से वायरल हुए. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, कई मस्जिदों को अपमानजनक फोन कॉल और ईमेल भी मिले. इसके जवाब में कुछ संगठनों ने 'नो हेट' यानी नफरत के खिलाफ प्रदर्शन भी किए.

जापान में बदलती डेमोग्राफी

दरअसल, यह पूरा विवाद जापान में तेजी से बदलती आबादी से भी जुड़ा है. देश में काम करने वाले लोगों की कमी को पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में विदेशी कर्मचारी आ रहे हैं. इसके साथ अलग-अलग धर्म और संस्कृतियां भी जापान का हिस्सा बन रही हैं, जिसे लेकर समाज में बहस तेज हो गई है.

वासेदा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर हिरोफुमी तनादा के मुताबिक, 2024 के आखिर तक जापान में मुस्लिमों की संख्या करीब 4.2 लाख हो गई, जबकि 2019 में यह 2.3 लाख थी. वहीं 2025 में विदेशी नागरिकों की संख्या 40 लाख से ज्यादा हो गई, जबकि उसी साल जापान की आबादी करीब 10 लाख घट गई.

हालांकि जापान अब भी खुद को प्रवासियों का देश मानने से बचता है. प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची की सरकार ने हाल ही में विदेशी नागरिकों के वीजा शुल्क में पांच गुना बढ़ोतरी का फैसला किया है. साथ ही अवैध रूप से रह रहे विदेशियों पर सख्ती बढ़ाने और आव्रजन व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी भी की जा रही है. ऐसे में फुजिसावा की मस्जिद का विवाद अब पूरे जापान में प्रवास, धर्म और पहचान पर चल रही बड़ी बहस का प्रतीक बन गया है.

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