वाशिंगटन:
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव अमेरिकी राजनयिक रेमंड डेविस की लाहौर में गिरफ्तारी और ऐबटाबाद में ओसामा बिन लादेन केा निशाना बनाने के लिए किए गए हमले के चलते द्विपक्षीय सैन्य सहयोग प्रभावित होने से आया है। ओबामा ने कांग्रेस में पेश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अमेरिकी कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट में कहा है, (ऐबटाबाद पर) हमला और इसके फलस्वरूप ओसामा बिन लादेन की मौत से अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों में उलझाव आया है। इसके अलावा अमेरिका और पाकिस्तान से गोपनीय दस्तावेजों के कथित तौर पर लीक होने पर आधारित मीडिया रिपोर्टों से भी तनाव में इजाफा हुआ है। ओबामा ने कहा, यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवपलपमेंट (यूएसएआईडी) के ठेकेदार अमेरिकी नागरिक के अपहरण से कानून प्रवर्तक अधिकारियों के बीच सहयोग का अवसर आया , लेकिन इससे पाकिस्तान में काम कर रहे अमेरिका के सहयोगियों की चिंता और बढ़ गई। इस 25 पेज की रिपोर्ट के कुछ गोपनीय हिस्से प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया ने प्राप्त किए हैं। ओबामा ने कहा, इस रिपोर्ट में एक जनवरी 2011 से 30 जून 2011 तक का विवरण है। इसके अलावा इसमें 31 अगस्त 2011 तक का मूल्यांकन भी शामिल है। ओबामा ने कहा कि एक अप्रैल से 30 जून के दौरान सभी संकेत और समीकरण गड़बड़ा गए। उन्होंने कहा, ओसामा बिन लादेन पर दो मई को किए गए हमले पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया से दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग और अन्य रिश्तों में तनाव आया। एबटाबाद में छापे के बाद पाकिस्तान द्वारा अपने यहां मौजूद अमेरिकी सैनिकों और प्रशिक्षकों को कम करने के निर्णय का हवाला देते हुए ओबामा ने कहा, पाकिस्तान केंद्रित अमेरिकी सैन्य सहायता में लगातार कमी से अमेरिका की पाकिस्तान के सीओआईएन और सीधी लड़ाई में सहयोग करने की क्षमता में नाटकीय रूप से कमी आयी। ओबामा ने कहा, फेडरली ऐडमिनिस्टर ट्राइब्ल एरियाज (एफएटीए) और खबर पख्तूनख्वा (केपीके0 में रिपोर्टिंग अवधि (एक अप्रैल से 30 जून) के दौरान लगातार सुरक्षा स्थिति खराब हुई है। बिन लादेन के लिए की गई छापेमारी पर पाकिस्तान में नकारात्मक प्रतिक्रिया हई और पाकिस्तानी सैन्य नेताओं की आलोचना की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके फलस्वरूप पाकिस्तानी सैन्य और खुफिया प्रतिष्ठानों को रिपोर्टिंग अवधि के दौरान अपना अधिकतर समय आंतरिक प्रतिक्रियाओं से निपटने पर खर्च करना पड़ा।