म्यांमार में भारत विरोधी जातीय हथियारबंद गुटों को ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार किए गए एक अमेरिकी नागरिक और छह यूक्रेनी नागरिकों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. NIA ने इन आरोपियों के खिलाफ इस चार्जशीट में UAPA यानी गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून की धाराएं नहीं लगाई हैं.
NIA ने मंगलवार को दिल्ली की स्पेशल NIA कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. इस चार्जशीट में एजेंसी ने सिर्फ Immigration and Foreigners Act, 2025 की धारा 21 और 23 के तहत आरोप लगाए हैं. ये दोनों धाराएं ऐसे अपराधों से जुड़ी हैं जिनका निपटारा Foreigners Regional Registration Office यानी FRRO के स्तर पर किया जा सकता है.
UAPA से जुड़े अपराधों की जांच अभी जारी
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि NIA ने UAPA के तहत जांच पूरी तरह बंद कर दी है. कोर्ट में NIA के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर राहुल त्यागी ने बताया कि UAPA से जुड़े अपराधों की जांच अभी जारी है. एजेंसी को अगर आगे की जांच में UAPA के तहत अपराध बनता हुआ मिलता है, तो वह बाद में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर सकती है.
मामला अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी से जुड़ा है. NIA को आरोप था कि ये लोग म्यांमार में भारत विरोधी जातीय हथियारबंद समूहों को ट्रेनिंग देने की गतिविधियों से जुड़े थे. वैनडाइक ने 2025 में भी म्यांमार जाने के लिए भारत को ट्रांजिट रूट के तौर पर इस्तेमाल किया था.
आगे की जांच में जुटी NIA
अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि NIA ने इस चरण की चार्जशीट में UAPA की धाराएं क्यों नहीं लगाईं और आगे की जांच में एजेंसी को क्या सबूत मिलते हैं. फिलहाल NIA ने UAPA से जुड़े पहलू की जांच खुली रखी है. अगर जांच में आरोप साबित करने लायक सामग्री मिलती है, तो एजेंसी आगे चलकर सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर सकती है.
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