- खंडवा के हांडीकुंडी पिकनिक स्पॉट पर सावन की पहली बारिश में चार युवक नदी के बीच बने टापू पर फंस गए थे.
- तेज बहाव और अंधेरे के कारण गुरुवार शाम से शुरू रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी रात जारी रहा और कड़ी मशक्कत हुई.
- प्रशासन ने SDRF और NDRF की टीमों को बुलाकर बचाव कार्य किया. ड्रोन से युवकों तक खाना और लाइफ जैकेट पहुंचाए.
एमपी के खंडवा में सावन की पहली बारिश चार युवकों के लिए मुसीबत बन गई. पिकनिक मनाने पहुंचे चार दोस्त अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से बीच में बने एक टापू पर फंस गए. शाम को शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी रात चलता रहा. तेज बहाव और अंधेरे के बीच प्रशासन, पुलिस, SDRF और NDRF की टीमों ने लगातार प्रयास किए. युवकों तक ड्रोन के जरिए खाना, पानी और लाइफ जैकेट पहुंचाई गईं. आखिरकार करीब 11 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शुक्रवार तड़के सभी चारों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
हांडीकुंडी पिकनिक स्पॉट पर फंसे थे चार युवक
जानकारी के अनुसार, खंडवा जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित सुक्ता और आबना नदी का संगम स्थल हांडीकुंडी पिकनिक क्षेत्र में शहर के मेडिकल व्यवसायी हुजेफा हामिद अली अपने साथियों असगर, मुस्तफा और मयंक के साथ घूमने पहुंचे थे. इस दौरान क्षेत्र में हुई तेज बारिश के कारण नदी में अचानक पानी बढ़ गया और चारों युवक नदी के बीच बने एक टापू पर फंस गए. सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई.
शाम से शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान
युवकों को सुरक्षित निकालने के लिए गुरुवार शाम करीब 6 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. लेकिन नदी में तेज बहाव होने के कारण शुरुआती प्रयास सफल नहीं हो सके. प्रशासन ने हालात की गंभीरता को देखते हुए SDRF की टीमों को मौके पर तैनात किया और अतिरिक्त मदद के लिए NDRF को भी बुलाया गया.

रेस्क्यू के बाद बचाव दल ने दिखाया विक्ट्री साइन (V Sign).
ड्रोन से पहुंचाया खाना-पानी और लाइफ जैकेट
रात के दौरान जब रेस्क्यू संभव नहीं हो सका तो प्रशासन ने चारों युवकों से लगातार संपर्क बनाए रखा. उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ड्रोन की मदद से खाना, पीने का पानी और लाइफ जैकेट टापू तक पहुंचाई. इससे युवकों को राहत मिली और वे सुरक्षित बने रहे.
हेलीकॉप्टर की भी की गई थी तैयारी
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने एयरलिफ्ट की तैयारी भी कर ली थी. इसके लिए रायपुर से रेस्क्यू हेलीकॉप्टर तैयार रखा था. प्रभारी कलेक्टर नागार्जुन बी. गौड़ा ने बताया कि जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर की मदद से रेस्क्यू किया जाता, लेकिन प्रशासन पहले SDRF और NDRF के माध्यम से सुरक्षित बचाव की कोशिश कर रहा था.

टापू पर फंसे इन चार लोगों को रेस्क्यू दल ने बचाया.
दो छोर से चलता रहा बचाव अभियान
खंडवा पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने बताया कि हांडीकुंडी क्षेत्र सुक्ता और आबना नदी का संगम स्थल है. पानी का बहाव काफी तेज होने के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण था. टीमों ने नदी के दोनों किनारों से लगातार प्रयास किए. साथ ही विशेषज्ञ बचाव दलों को भी मौके पर बुलाया गया.

टापू पर फंसे लोगों के लिए ड्रोन से खाना भेजा गया.
तड़के 4:45 बजे सुरक्षित बाहर निकाला
रातभर इंतजार के बाद तड़के पानी का बहाव कुछ कम हुआ. इसके बाद इंदौर से आई SDRF टीम और खंडवा SDRF टीम ने संयुक्त रूप से सुबह करीब 4:15 बजे बोट के जरिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. करीब आधे घंटे की मेहनत के बाद सुबह 4:45 बजे चारों युवकों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया.
सफल रेस्क्यू के बाद जताया आभार
करीब 11 घंटे तक चले इस चुनौतीपूर्ण अभियान के सफल होने के बाद युवकों और उनके परिजनों ने प्रशासन, पुलिस और बचाव दलों का धन्यवाद किया. पूरी रात कलेक्टर, पुलिस अधिकारियों और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे तथा रेस्क्यू ऑपरेशन की लगातार निगरानी करते रहे. यह अभियान खंडवा जिले के हालिया सबसे चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक माना जा रहा है.
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