विज्ञापन

जहां बाजार था अब पानी और रेत, नीचे धंसते चले गए लोग... नेपाल बाढ़ की ग्राउंड रिपोर्ट, बात कर फफक रहे लोग

नेपाल में जो कुछ हुआ है उसका दूर से अंदाजा लगाना भी बेहद मुश्किल है. लोगों के घर-बार बह गए. आंखों के सामने अपने या तो बह गए या रेत के नीचे दब गए. और ये सब चंद मिनटों के अंदर हुआ.

एनडीटीवी को नेपाल के लोगों ने बाढ़ की भयावह सच्चाई बताई.
  • नेपाल के त्रिशुली बाजार में आई बाढ़ ने 200 से अधिक दुकानों और पांच घरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है
  • प्रभावित परिवारों के पास न तो खाने के लिए पर्याप्त सामान है और वे सड़क पर रहने को मजबूर हैं
  • बाढ़ के कारण कई लोगों के परिजन रेत में दब गए, जिनमें एक आठारह वर्षीय युवक भी शामिल था जिसकी मौत हो गई

नेपाल में बाढ़ आया और तबाही लाया, ये तो आपको पता होगा. मगर उस तबाही ने नेपाल के लोगों से क्या छीना, ये शायद आप कल्पना भी नहीं कर पाएं. एनडीटीवी नेपाल पहुंची तो लोगों से बात कर हादसे को समझना चाहा पर लोगों का दुख इतना अधिक था कि बात करते-करते फफक पड़ते. किसी का कोई अपना उनकी आंखों के सामने रेत में धंस गया तो किसी का घर पानी में बह गया.

बाजार की जमीन बनी नदी

नुवाकोट जिले का त्रिशुली बाजार काफी नामी बाजार है. एनडीटीवी ने एक परिवार से बात की तो उन्होंने बताया कि उनके 5 घर थे. 4 किराये पर चढ़ाते थे. साथ ही उनकी 200 दुकानें थीं. दुकान-घर सब चला गया.एक भी नहीं बचा. अब कुछ भी नहीं है सिर्फ ये पहना हुआ है यही बचा है. खाने के लिए भी कुछ नहीं है. हम लोग सब रोड पर आ चुके हैं. फफकते हुए बोल-सुसाइड करना पड़ेगा. कुछ भी नहीं है अब. सरकार क्या करेगी, हम लोगों को पता नहीं है. इतने मकान-दुकान का सरकार पैसा नहीं देगी.ज्यादा से ज्यादा एक मकान बनाने के लिए सरकार पैसा देगी. उनकी पत्नी बोलीं- हम लोग खुश रहते थे. अब हम लोग कहां जाएंगे. अब तो कुछ नहीं बचा है. दुकान-मकान सब लेके गए. अब क्या करके खाएंगे. एक लड़की है.

एक झटके में करोड़पति रोड पर

त्रिशुली बाजार में नदी बह रही है. जहां कभी पांव रखने की जगह नहीं होती थी. एक और शख्स ने नदी दिखाते हुए बताया-मेरी वही दुकान है, सामने जो दिखाई पड रहा है वो दुकान है. जो पानी बह रहा है वहां तीन दुकान थी. नदी के उस मुहाने पर दो दुकान थीं. हमारा होलसेल का काम था. कपडे़ की दुकान थी. चार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो गया है. अशोक कुमार चौरसिया के नाम से मेरी दुकान मशहूर थी. यहां जिले में सब कोई जानता है. अगर 12 मिनट भी लेट किए रहते तो हम लोग भी तीन आदमी और चले गए होते. अभी हम लोग 5 आदमी तो सुरक्षित है, लेकिन दो आदमी चल गए.

रेत के नीचे धंसता चला गया वो

पन्नालाल नाम के एक शख्स ने बताया कि वो पुरानी मस्जिद रसड़ा जिला बलिया के रहने वाले हैं. उन्होंने कहा-हम लोग यूपी के बलिया जिले के रहने वाले है. मेरी भाभी और भतीजा बह गए हैं. तभी एक साथ खड़े शख्स ने बताया-इनका लड़का और दो और नेपाली पूरे पानी से डूब गए थे. मैं भी पूरा बालू में डूब रहा था. मैंने इनके लड़के का कॉलर पकड़कर बचाने की कोशिश की. इनका लड़का अंकल-अंकल-अंकल चिल्ला रहा था मगर मैं खुद को बचाता कि उसको. फिर वो बालू में धंसता चला गया. इतना कहते वो शख्स रोने लगे. 18 साल का वो बच्चा था. मदद मांग रहा था. मैं खुद बालू में धंस रहा था. उसको बचाने में मैं भी धंस जाता. कॉलर पकड़कर उसको खींचने की कोशिश की पर नहीं बचा पाया. 

यह भी पढ़ें-

सिरे चढ़ रही है बीजेपी अकाली दल की बात, गठबंधन को लेकर इन तीन मुद्दों पर फंसा है पेच

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Nepal, Nepal Flood, Nepal Flash Flood, Nepal Flood Survivor Story, Nepal Flood Impact
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com