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सिक्ता देव

सिक्ता देव

कंट्रीब्यूटिंग एडिटर/ सीनियर एंकर
सिक्ता देव हिंदी टीवी पत्रकारिता की उन चुनिंदा पत्रकारों में हैं जिन्होंने लगभग तीन दशक तक भारत के राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को घटनास्थल से कवर किया है। चुनावी लोकतंत्र से लेकर युद्ध, आतंकवाद, प्राकृतिक आपदाओं, खोजी पत्रकारिता, पर्यावरण, आस्था और मानवीय सरो...
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सिक्ता देव

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सिक्ता देव हिंदी टीवी पत्रकारिता की उन चुनिंदा पत्रकारों में हैं जिन्होंने लगभग तीन दशक तक भारत के राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को घटनास्थल से कवर किया है। चुनावी लोकतंत्र से लेकर युद्ध, आतंकवाद, प्राकृतिक आपदाओं, खोजी पत्रकारिता, पर्यावरण, आस्था और मानवीय सरोकारों तक—उनकी पत्रकारिता का दायरा जितना व्यापक है, उतना ही प्रभावशाली भी। 1995 में पत्रकारिता की शुरुआत करने वाली सिक्ता देव वर्तमान में एनडीटीवी में कॉन्ट्रिब्यूटिंग एडिटर एवं सीनियर एंकर हैं। उनकी पहचान उन पत्रकारों में होती है जिनकी सबसे बड़ी ताकत स्टूडियो नहीं, बल्कि मैदान है।

1995 से अब तक सिक्ता देव ने देश के लगभग हर लोकसभा और विधानसभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश  ,पंजाब, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ ,झारखंड, बिहार, ओडिशा,उत्तराखंड ,दिल्ली और तमिलनाडु सहित देश के अनेक राज्यों के चुनावों को उन्होंने मतदाताओं के बीच रहकर कवर किया। 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान उन्होंने एनडीटीवी के इलेक्शन कार्निवल का नेतृत्व करते हुए देशभर की यात्रा की। हाल के तमिलनाडु चुनावों में अभिनेता विजय की राजनीति में एंट्री और उनके समर्थकों के अभूतपूर्व जनसमर्थन की जमीनी रिपोर्टिंग भी उन्होंने की। चुनावी राजनीति की नब्ज़ को समझने और उसे सरल, विश्वसनीय तथा संतुलित ढंग से दर्शकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है।

राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और कूटनीतिक घटनाक्रमों की रिपोर्टिंग भी उनके करियर का महत्वपूर्ण अध्याय रही है। उन्होंने 1999 के आईसी-814 कंधार विमान अपहरण, 2001 की आगरा शिखर वार्ता और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की भारत यात्रा, संसद पर आतंकी हमला, फूलन देवी की हत्या, 2002 के गुजरात दंगों के बाद हुए विधानसभा चुनाव, जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव और अक्षरधाम मंदिर पर आतंकी हमला, 2007 के समझौता एक्सप्रेस विस्फोट, 2008 के मुंबई आतंकी हमले तथा 9/11 जैसे वैश्विक घटनाक्रमों की घटनास्थल से रिपोर्टिंग की। कारगिल युद्ध की पहली वर्षगांठ पर कारगिल, द्रास और बटालिक से उनकी विशेष रिपोर्टिंग ने सीमावर्ती भारत के जीवन और सैनिकों के साहस को राष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाया।

वर्ष 2000 में क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े हैंसी क्रोनिए मैच फिक्सिंग कांड की जांच के दौरान सिक्ता देव की खोजी रिपोर्टिंग ने राष्ट्रीय मीडिया का एजेंडा तय किया। आज तक के लिए की गई उनकी लगातार एक्सक्लूसिव रिपोर्टों ने जांच को नई दिशा दी। उनकी रिपोर्टों के आधार पर अगले दिन देश के अनेक प्रमुख समाचार पत्रों ने विस्तृत खबरें प्रकाशित कीं। हिंदी टीवी पत्रकारिता में यह कवरेज खोजी रिपोर्टिंग के सबसे प्रभावशाली अध्यायों में गिनी जाती है।

जनसरोकारों से जुड़ी रिपोर्टिंग हमेशा उनकी पत्रकारिता की मूल पहचान रही है। 2006 में विदर्भ के किसान संकट पर उनकी कई दिनों तक चली विशेष ग्राउंड सीरीज़ ने किसानों की आत्महत्याओं, कर्ज़ और किडनी बेचने की मजबूरी जैसे दर्दनाक सच को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाया। 2004 की सुनामी, 2005 के तंगधार और जम्मू-कश्मीर भूकंप सहित अनेक प्राकृतिक आपदाओं के दौरान उन्होंने घटनास्थल से लगातार रिपोर्टिंग की। वर्ष 2000 से अब तक प्रत्येक कुंभ और महाकुंभ की व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हुए उन्होंने भारत की आस्था, संस्कृति और करोड़ों श्रद्धालुओं की अनगिनत मानवीय कहानियों को भी देश तक पहुंचाया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल के Gen Z Uprising की कवरेज के दौरान सिक्ता देव घटनास्थल पर मौजूद भारत की एकमात्र महिला टीवी पत्रकार थीं। उन्होंने आंदोलन के सबसे उग्र दौर में लगातार रिपोर्टिंग की और नेपाल के शीर्ष नेतृत्व का एक्सक्लूसिव साक्षात्कार लेकर एनडीटीवी को वैश्विक स्तर पर विशेष पहचान दिलाई।

अयोध्या में राम दरबार प्राण प्रतिष्ठा की कवरेज उनके करियर की सबसे बड़ी पत्रकारिता उपलब्धियों में शामिल है। उन्हें पूरे राम मंदिर परिसर में एक्सक्लूसिव लाइव कवरेज की अनुमति मिली और वह राम मंदिर के दोनों तल तथा संपूर्ण मंदिर परिसर का विश्व का पहला एक्सक्लूसिव लाइव टेलीविज़न कवरेज करने वाली पत्रकार बनीं। यह कवरेज दुनिया भर के दर्शकों को पहली बार राम मंदिर के संपूर्ण स्वरूप से रूबरू कराने वाला ऐतिहासिक प्रसारण बना।

सिक्ता देव ने एनडीटीवी के अनेक प्रतिष्ठित अभियानों का नेतृत्व किया है। बनेगा स्वस्थ इंडिया, सेव इंडियाज़ कोस्ट, सेवन वंडर्स ऑफ इंडिया, ग्रीनाथॉन, इंडियन ऑफ द ईयर, युवा कॉन्क्लेव, इंडिया सस्टेनेबिलिटी मिशन और अनेक जनसरोकार अभियानों के साथ-साथ ‘अमन का पुल’ उनकी सबसे चर्चित प्रस्तुतियों में रहा। वर्ष 2010 में प्रसारित इस विशेष कार्यक्रम ने नई दिल्ली, लाहौर और कराची के स्टूडियो को जोड़ते हुए बंटवारे में बिछड़े परिवारों को वर्षों बाद टेलीविज़न के माध्यम से मिलाया। इस कार्यक्रम को एनटी अवॉर्ड फॉर बेस्ट करंट अफेयर्स प्रोग्राम (होम एंड इंटरनेशनल) से सम्मानित किया गया। पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन पर आधारित द क्लाइमेट एक्सप्लेनर्स के माध्यम से उन्होंने जटिल पर्यावरणीय मुद्दों को सरल और प्रभावशाली ढंग से दर्शकों तक पहुंचाया । 

पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए सिक्ता देव को लोकमाता देवी अहिल्याबाई पत्रकारिता सम्मान (2025), ओडिशा जर्नलिज्म अवॉर्ड (2024), स्वर्गीय वेद अग्रवाल पत्रकारिता एवं साहित्य सम्मान (2013), इंडियन टेलीविज़न अकादमी (ITA) अवॉर्ड तथा एनटी अवॉर्ड सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

करीब तीन दशक से सिक्ता देव की पत्रकारिता का मूल मंत्र रहा है—इतिहास को वहीं से दर्ज करना, जहां वह बन रहा हो। चुनावी मैदान हों या युद्ध का मोर्चा, आतंकवादी हमले हों या प्राकृतिक आपदाएं, किसानों का संघर्ष हो, करोड़ों लोगों की आस्था का संगम हो या पड़ोसी देशों का राजनीतिक उथल-पुथल—उन्होंने हर बार घटनास्थल से सच को देश और दुनिया तक पहुंचाया। जमीनी पत्रकारिता, खोजी दृष्टि, संपादकीय विश्वसनीयता और जनसरोकारों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें हिंदी टीवी पत्रकारिता की अग्रणी और सम्मानित आवाज़ों में स्थापित किया है।