- नेपाल बाढ़ से अब तक 625 लोगों की मौत हुई है और 2500 से अधिक लोग लापता हैं
- नुआकोट इलाके में सैलाब ने सरकारी इमारतों समेत कई संरचनाओं को बहा लिया है, जिससे व्यापक तबाही हुई है
- प्रभावित लोगों के पास खाना और पैसा नहीं बचा, कई लोग बिना कुछ खाए ही वक्त गुजार रहे हैं
नेपाल में अचानक आई बाढ़ से अब तक 625 लोगों की मौत हो गई है वहीं 2500 लोग लापता हैं, जिनमें 300 से ज्यादा भारतीय भी शामिल हैं. वहीं दूसरे देशों के लोग भी लापता हैं. नेपाल का मंजर इन दिनों भयावह है. एनडीटीवी की एक बहुत बड़ी टीम नेपाल के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके में मौजूद है. ग्राउंड जीरो से हमारी टीम की रिपोर्ट देखिए.
नुआकोट इलाके में तबाही का मंजर आप देख सकते हैं. एनडीटीवी पहली टीम है जो इस लोकेशन पर पहुंची. यही वो सैलाब है जो शनिवार सुबह इस इलाके में आया था. वहां पर जो इमारतें दिख रही हैं वो सरकारी इमारतें थीं. पहले ये जेल हुआ करती थी. जहां बिजली के खंबे दिखाई दे रहे हैं वहां पर बिजली घर था. लेकिन जैसे ही बाढ़ आई, पानी का सैलाब ये सब अपने साथ बहा ले गया.
ग्राउंड जीरो पर पहुंची एनडीटीवी की टीम को वहां मौजूद एक महिला ने बताया कि ये सब उन्होंने पहली बार देखा है. पहले कुछ भी ऐसा नहीं देखा.पानी बहुत ही रफ्तार में ऊंची लहरों के साथ वहां आया था.जब उनसे पूछा कि क्या इतना समय था कि वह भागकर अपनी जान बचा सकें. महिला ने कहा कि हां इतना समय था. वह घर के अंदर मौजूद अपने पति को लेकर तुरंत वहां से भागीं.

सबकुछ तबाह हो गया, खाने को भी नहीं रहा
स्थानीय महिला ने कहा कि सबकुछ तबाह हो गया है. अब उनके पास कुछ भी नहीं रहा.न उनके पास पैसा है और न ही खाने के लिए कुछ भी है. महिला ने कैमरे पर अपना दर्ज बयां करते हुए कहा कि सुबह से उन्होंने कुछ भी नहीं खाया है. एक बूंद पानी तक उनके पेट में नहीं गया.

वहीं एक अन्य शख्स ने कहा कि गांव में 200-300 लोग थे, बाढ़ के बाद वह गांव भी नहीं रहा.वहां तक पहुंचना मुश्किल है, वहां जाने का रास्ता भी नहीं है. ऐसी बाढ़ नेपाल में कभी भी नहीं आई. ये पहली बाढ़ है जो इतनी विनाशकारी है. उन्होंने बताया कि पानी ऊपर से बहुत स्पीड से आया था. लगभग दस मिनट में वे लोग ऊपर भागे. लेकिन दो चार लोग वहां फंसे हुए थे, शायद वे मर गए होंगे.
बाकायदा अनाउंसमेंट कर लोगों को किनारे इलाकों से हटने की हिदायत दी जा रही है. कलाश नगर के ग्रामीणों को गंडक नदी के उफान को लेकर चेतावनी दे दी गई है. सभी ग्रामीणों को अपने-अपने घरों में सतर्क रहने को कहा गया है, क्यों कि पानी बढ़ सकता है.
नेपाल के बाद बिहार और यूपी पर खतरा
नेपाल में आई बाढ़ का असर बिहार में दिखने लगा है. नेपाल से आने वाला पानी कुछ घंटों में बिहार पहुंच सकता है. गंडक बैराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं और बिहार में भी आठ जिलों में अलर्ट जारी किया गया है. पश्चिमी चंपारण पूर्वी चंपारण गोपालगंज सारण मुजफ्फरपुर वैशाली सीतामढ़ी और शिवहर शामिल है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात है. इसके अलावा देखिए कोसी नदी गंडक के साथ कोसी बेसिन से जुड़े जिलों में भी निगरानी हो रही है. सुपौल सहरसा मधेपुरा और अररिया में सतर्कता बढ़ा दी गई है.

यूपी, बिहार को सतर्क करने की सलाह
भोटे कोशी नदी तिब्बत से निकलकर नेपाल में आती है और आगे जाकर सुन कोशी नदी में मिल जाती है.फिर यही सुन कोशी नदी आगे चलकर सप्त कोशी नदी में मिलती है, जिसे अब कोसी नदी से के नाम से जाना जाता है. पानी अगर बढ़ेगा तो ये यूपी तक जाएगा. इससे उत्तर प्रदेश में गंडक और नारणी नदी में जलस्तर बढ़ सकता है. इन राज्यों को भी सतर्क करने की जरूरत है.
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