
नवाज शरीफ का फाइल फोटो।
इस्लामाबाद:
आम चुनाव में अपनी जीत को भारत के साथ शांति का जनादेश मानते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि दोनों देशों के बीच हथियारों की प्रतिस्पर्धा समाप्त होनी चाहिए और उन्हें कश्मीर पर अपने मतभेद समाप्त करने चाहिए।
शरीफ ने कहा, ‘विभाजन के बाद से ही हम भारत के साथ हथियारों की दुर्भाग्यपूर्ण प्रतिस्पर्धा में लगे हुए हैं और मुझे लगता है कि इस दृष्टि से हम बहुत ही भाग्यहीन देश हैं।’
प्रधानमंत्री बनने के बाद ‘द टेलीग्राफ’ के साथ अपने पहले साक्षात्कार में शरीफ ने कहा, ‘मुझे लगता है कि इसका अंत होना चाहिए। रक्षा क्षेत्र में बर्बाद हो रहे धन को सामाजिक क्षेत्र में लगना चाहिए... इसे शिक्षा पर व्यय होना चाहिए था, इसे स्वास्थ्य सेवाओं में जाना चाहिए था।’
ब्रिटिश अखबार के मुताबिक, शरीफ ने स्पष्ट किया कि वह चुनाव में अपनी जीत को भारत के साथ शांति के जनादेश के रूप में देखते हैं और पाकिस्तान के सबसे पुराने शत्रु भारत के साथ फिर से मेल मिलाप करने के संबंध में पूरी ईमानदारी से बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को कश्मीर पर अपने मतभेद भी सुलझा लेने चाहिए।
शरीफ ने कहा, ‘विभाजन के बाद से ही हम भारत के साथ हथियारों की दुर्भाग्यपूर्ण प्रतिस्पर्धा में लगे हुए हैं और मुझे लगता है कि इस दृष्टि से हम बहुत ही भाग्यहीन देश हैं।’
प्रधानमंत्री बनने के बाद ‘द टेलीग्राफ’ के साथ अपने पहले साक्षात्कार में शरीफ ने कहा, ‘मुझे लगता है कि इसका अंत होना चाहिए। रक्षा क्षेत्र में बर्बाद हो रहे धन को सामाजिक क्षेत्र में लगना चाहिए... इसे शिक्षा पर व्यय होना चाहिए था, इसे स्वास्थ्य सेवाओं में जाना चाहिए था।’
ब्रिटिश अखबार के मुताबिक, शरीफ ने स्पष्ट किया कि वह चुनाव में अपनी जीत को भारत के साथ शांति के जनादेश के रूप में देखते हैं और पाकिस्तान के सबसे पुराने शत्रु भारत के साथ फिर से मेल मिलाप करने के संबंध में पूरी ईमानदारी से बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को कश्मीर पर अपने मतभेद भी सुलझा लेने चाहिए।
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