
खटाई में पड़ता दिखाई दे रहा सार्क शिखर सम्मेलन कुछ हद तक कामयाब हो गया, जब सभी सदस्य देशों के बीच हुए ऊर्जा समझौते पर पाकिस्तान ने भी दस्तखत कर दिए। सम्मेलन के समापन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ ने आज दूसरी बार एक-दूसरे से हाथ मिलाए। इस दौरान दोनों नेताओं के चेहरे पर हंसी तैर रही थी और मोदी तथा शरीफ ने काफी देर तक एक-दूसरे का हाथ थामे रखा।
समझौते पर हस्ताक्षर के बाद सम्मेलन के समापन के तौर पर पढ़े गए काठमांडू घोषणापत्र में कहा गया कि अगला सार्क सम्मेलन इस्लामाबाद में वर्ष 2016 में होगा। घोषणापत्र के मुताबिक यह भी स्वीकार किया गया कि इस 18वें सम्मेलन के दौरान जो भी कमियां सामने आईं, वे हमारी (सार्क सदस्य) ही कमियां हैं, उनके लिए कोई और दोषी नहीं।
बताया गया कि पाकिस्तान के इस समझौते पर हस्ताक्षर के लिए राजी हो जाने की ख़बर सार्क नेताओं के उस अनौपचारिक रिट्रीट के बाद आई, जो धुलीखेल में आयोजित किया गया था।
उसके दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ ने हाथ मिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन जरूर किया था, लेकिन सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच किसी तरह की कोई बातचीत नहीं हुई थी।
उल्लेखनीय है कि सार्क शिखर सम्मेलन पाकिस्तान द्वारा भारत समर्थित प्रस्तावों को ठुकराने की वजह से ही नाकाम माना जाने लगा था। मोदी और शरीफ ने सम्मेलन के शुरू होने के बाद से ही न सिर्फ एक-दूसरे से दूरी बनाए रखी, बल्कि आमना-सामना होने के बावजूद एक-दूसरे से नजरें बचाते दिखे।
गौरतलब है कि भारत ने सार्क देशों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था, जिसका पाकिस्तान ने विरोध किया। नवाज शरीफ की दलील थी कि इस मुद्दे पर उन्होंने अपने मुल्क में उचित चर्चाएं नहीं की हैं।
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