मास्को:
ईरान के साथ सोमवार को दुनिया की छह प्रमुख ताकतों की संकट वार्ता फिर बहाल होगी।
इस बीच, उम्मीद की जा रही है कि तेल प्रतिबंध और मेजबान रूस के दबाव के कारण अंतत: इस्लामिक गणतंत्र अपने परमाणु अभियान को सीमित करने पर राजी हो जाएगा।
इस दो दिवसीय बैठक से पहले बगदाद में मई में वार्ता हुई थी जिसमें ईरान ने बीच में ही बातचीत छोड़ दी थी। कई देशों के राजनयिकों ने मास्को में ईरान के साथ बातचीत को महत्वपूर्ण करार दिया है। उनका कहना है कि यह वार्ता इस श्रृंखला की अंतिम वार्ता हो सकती है। अगर वार्ताकार तेहरान को उच्चस्तरीय यूरेनियम संवर्धन से रोकने में नाकाम रहता है तो यह स्पष्ट नहीं है कि अगली वार्ता कब और कहां आयोजित होगी। ईरान का कहना है कि उसकी परमाणु गतिविधियां शांतिपूर्ण हैं।
अमेरिका और इसके पश्चिमी साथी लगातार आगाह करते रहे हैं कि इस मुद्दे के कूटनीतिक समाधान के लिए समय निकला जा रहा है।
पिछले महीने बगदाद में दोनों पक्षों के बीच दो दिनों की बात हुई थी। उस दौरान उम्मीद के मुताबिक बात नहीं बनी थी और ईरान एक समय तो बातचीत की प्रक्रिया से अलग होता दिखाई दे रहा था।
इस बीच, उम्मीद की जा रही है कि तेल प्रतिबंध और मेजबान रूस के दबाव के कारण अंतत: इस्लामिक गणतंत्र अपने परमाणु अभियान को सीमित करने पर राजी हो जाएगा।
इस दो दिवसीय बैठक से पहले बगदाद में मई में वार्ता हुई थी जिसमें ईरान ने बीच में ही बातचीत छोड़ दी थी। कई देशों के राजनयिकों ने मास्को में ईरान के साथ बातचीत को महत्वपूर्ण करार दिया है। उनका कहना है कि यह वार्ता इस श्रृंखला की अंतिम वार्ता हो सकती है। अगर वार्ताकार तेहरान को उच्चस्तरीय यूरेनियम संवर्धन से रोकने में नाकाम रहता है तो यह स्पष्ट नहीं है कि अगली वार्ता कब और कहां आयोजित होगी। ईरान का कहना है कि उसकी परमाणु गतिविधियां शांतिपूर्ण हैं।
अमेरिका और इसके पश्चिमी साथी लगातार आगाह करते रहे हैं कि इस मुद्दे के कूटनीतिक समाधान के लिए समय निकला जा रहा है।
पिछले महीने बगदाद में दोनों पक्षों के बीच दो दिनों की बात हुई थी। उस दौरान उम्मीद के मुताबिक बात नहीं बनी थी और ईरान एक समय तो बातचीत की प्रक्रिया से अलग होता दिखाई दे रहा था।
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