
नई दिल्ली:
अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के लिए सूचना प्रौद्योगिकी ठेकेदार के रूप में काम करने के दौरान सरकार की खुफिया निगरानी कार्यक्रम को चोरी से हासिल कर मीडिया में जारी करने के आरोपी एडवार्ड स्नोडेन को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने रूस और चीन को सावधान किया है।
भारत की यात्रा पर केरी ने कहा कि हांग कांग से भगोड़े स्नोडेन को प्रत्यर्पण प्रयास से बचने में यदि रूस और चीन ने मदद की है तो यह निराशाजनक होगा। उन्होंने कहा है कि इस तरह के कदम की निश्चित प्रतिक्रिया होगी। स्नोडेन रविवार को हांगकांग से मास्को भाग निकले।
माना जा रहा है कि वे वहां से क्यूबा जाएंगे, लेकिन इक्वाडोर के विदेश मंत्री ने कहा है कि वे अभी भी रूस में हैं।
वियतनाम की यात्रा के दौरान रिकाडरे पाटिनो ने कहा कि इक्वाडोर ने रूस की सरकार के साथ सम्मनित और राजनयिक संबंध का पालन किया है इसलिए मास्को इस मामले में जरूरत महसूस होने पर अपने कानून और राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून व नियम के मुताबिक फैसला ले सकता है। यह पूछे जाने पर कि स्नोडेन की मौजूदा स्थिति के बारे में उन्हें जानकारी है, उन्होंने उत्तर टाल दिया।
पाटिनो ने इस बात की पुष्टि की कि इक्वाडोर स्नोडेन की शरण देने की अपील पर विचार किया है और उन्होंने अमेरिकी भगोड़े का राष्ट्रपति राफेल कोर्रेआ को लिखा गया पत्र पढ़कर सुनाया। पत्र में स्नोडेन ने अमेरिका और उसके एजेंटों द्वारा प्रताड़ित किए जाने के खतरे का उल्लेख किया है।
स्नोवडेन के आग्रह पर विचार करने के फैसले का बचाव करते हुए पाटिनो ने कहा कि उनका देश मानवाधिकार को अन्य किसी भी हित के मुकाबले ज्यादा अहमियत देता है।
स्नोवडेन (30) पर अमेरिका में सरकारी संपत्ति की चोरी करने, राष्ट्रीय रक्षा सूचना का अनधिकृत खुलासा करने और वर्गीकृत खुफिया संवाद को जानबूझकर सार्वजनिक करने का आरोप है।
हांग कांग के अधिकारियों ने कहा कि स्नोडेन अपनी इच्छा से चले गए और अमेरिका का प्रत्यर्पण संबंधी दस्तावेज अधूरा है इसलिए उन्हें रोकने का कोई वैधानिक कारण नहीं था।
बीबीसी के मुताबिक, हांगकांग में उनके वकील अलबर्ट हो ने बताया कि एक सरकारी अधिकारी ने स्नोडेन को चले जाने के लिए कहा। हो ने कहा कि उनका मानना है कि अधिकारी ने बीजिंग सरकार के इशारे पर काम किया है।
भारत की यात्रा पर केरी ने कहा कि हांग कांग से भगोड़े स्नोडेन को प्रत्यर्पण प्रयास से बचने में यदि रूस और चीन ने मदद की है तो यह निराशाजनक होगा। उन्होंने कहा है कि इस तरह के कदम की निश्चित प्रतिक्रिया होगी। स्नोडेन रविवार को हांगकांग से मास्को भाग निकले।
माना जा रहा है कि वे वहां से क्यूबा जाएंगे, लेकिन इक्वाडोर के विदेश मंत्री ने कहा है कि वे अभी भी रूस में हैं।
वियतनाम की यात्रा के दौरान रिकाडरे पाटिनो ने कहा कि इक्वाडोर ने रूस की सरकार के साथ सम्मनित और राजनयिक संबंध का पालन किया है इसलिए मास्को इस मामले में जरूरत महसूस होने पर अपने कानून और राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून व नियम के मुताबिक फैसला ले सकता है। यह पूछे जाने पर कि स्नोडेन की मौजूदा स्थिति के बारे में उन्हें जानकारी है, उन्होंने उत्तर टाल दिया।
पाटिनो ने इस बात की पुष्टि की कि इक्वाडोर स्नोडेन की शरण देने की अपील पर विचार किया है और उन्होंने अमेरिकी भगोड़े का राष्ट्रपति राफेल कोर्रेआ को लिखा गया पत्र पढ़कर सुनाया। पत्र में स्नोडेन ने अमेरिका और उसके एजेंटों द्वारा प्रताड़ित किए जाने के खतरे का उल्लेख किया है।
स्नोवडेन के आग्रह पर विचार करने के फैसले का बचाव करते हुए पाटिनो ने कहा कि उनका देश मानवाधिकार को अन्य किसी भी हित के मुकाबले ज्यादा अहमियत देता है।
स्नोवडेन (30) पर अमेरिका में सरकारी संपत्ति की चोरी करने, राष्ट्रीय रक्षा सूचना का अनधिकृत खुलासा करने और वर्गीकृत खुफिया संवाद को जानबूझकर सार्वजनिक करने का आरोप है।
हांग कांग के अधिकारियों ने कहा कि स्नोडेन अपनी इच्छा से चले गए और अमेरिका का प्रत्यर्पण संबंधी दस्तावेज अधूरा है इसलिए उन्हें रोकने का कोई वैधानिक कारण नहीं था।
बीबीसी के मुताबिक, हांगकांग में उनके वकील अलबर्ट हो ने बताया कि एक सरकारी अधिकारी ने स्नोडेन को चले जाने के लिए कहा। हो ने कहा कि उनका मानना है कि अधिकारी ने बीजिंग सरकार के इशारे पर काम किया है।
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