- सऊदी अरब में बन रहा जेद्दा टावर दुनिया की सबसे ऊंची इमारत होगा जिसकी ऊंचाई 1 किलोमीटर से अधिक होगी
- यह टावर बुर्ज खलीफा से करीब 172 मीटर ज्यादा ऊंचा होगा और 2028 तक पूरा होने का टारगेट है
- जेद्दा टावर को एड्रियन स्मिथ और गॉर्डन गिल ने डिजाइन किया है जो बुर्ज खलीफा के भी मुख्य आर्किटेक्ट थे
क्या आपको पता है कि दुनिया की सबसे ऊंची इमारत सऊदी अरब में बन रही है. हाइट ऐसी की आप सोचकर भी चौंक जाएंगे. इसकी ऊंचाई 1 किलोमीटर से भी ज्यादा होगी. यानी अभी की दुनिया की सबसे ऊंची इमार, दुबई की 828 मीटर ऊंची बुर्ज खलीफा भी इसके सामने छोटी पड़ जाएगी. कई साल तक इसका काम रुका रहा, लेकिन जनवरी 2025 में निर्माण फिर शुरू हो गया है. एडी मिडिल ईस्ट की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2026 तक यह 107 मंजिल और 430 मीटर से ज्यादा ऊंची हो चुकी है.
कितना ऊंचा होगा जेद्दा टावर?
टावर 1,000 मीटर से ज्यादा, यानी करीब 3,281 फीट ऊंचा होगा. इसकी ऊंचाई स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से करीब 11 गुना होगी. अभी मुंबई में लोखंडवाला मिनर्वा भारत की सबसे ऊंची पूरी हो चुकी इमारत है, जिसकी ऊंचाई 301 मीटर है. यानी जेद्दा टावर इससे तीन गुना से भी ज्यादा ऊंचा होगा.
इसे किसने डिजाइन किया?
इसे एड्रियन स्मिथ और गॉर्डन गिल ने डिजाइन किया है. एडी मिडिल ईस्ट की इस रिपोर्ट के अनुसार खास बात यह है कि बुर्ज खलीफा के डिजाइन में भी एड्रियन स्मिथ की भूमिका थी. अमेरिका के आर्किटेक्ट एड्रियन स्मिथ ने बुर्ज खलीफा के लिए मुख्य आर्किटेक्ट के तौर पर काम किया. जेद्दा टावर के डिजाइन में सऊदी अरब की पहचान और प्रतीकों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ा गया है.
कहां बन रहा है?
जेद्दा टावर लाल सागर के किनारे बसे जेद्दा शहर के नॉर्थ ओबहर इलाके में बन रहा है. यह करीब 53 लाख वर्ग मीटर में विकसित हो रही जेद्दा इकोनॉमिक सिटी का मुख्य आकर्षण होगा.
कब पूरा होगा टावर?
इसे 2028 में पूरा करने का लक्ष्य है, जिसमें अगस्त 2028 की तारीख बताई गई है. निर्माण दोबारा शुरू होने के बाद इसकी रफ्तार तेज हुई है. एडी मिडिल ईस्ट की रिपोर्ट के अनुसार सेंट्रल कोर औसतन हर हफ्ते करीब एक मंजिल ऊपर जा रहा है.
कितना खर्च?
अक्टूबर 2024 में टावर का निर्माण पूरा करने के लिए 7.2 अरब सऊदी रियाल (करीब 1.9 अरब डॉलर) का समझौता हुआ था. इसमें निर्माण रुकने से पहले किए गए काम के लिए दिए गए करीब 1.1 अरब रियाल भी शामिल हैं. यह रकम सिर्फ टावर के निर्माण की है, पूरी जेद्दा इकोनॉमिक सिटी की नहीं. जेद्दा टावर के पूरा होने के बाद यह शहर की दूसरी मशहूर जगहों, अल रहमा मस्जिद (फ्लोटिंग मस्जिद) और ऐतिहासिक अल बलद के साथ जेद्दा की नई पहचान बन सकता है.
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