- जापानी का डेस्ट्रॉयर जहाज जे एस इकाज़ुची ताइवान स्ट्रेट से होकर गुजरा है, जो विवादास्पद रास्ता माना जाता है
- जापानी जहाज फिलीपींस में होने वाले बड़े संयुक्त सैन्य अभ्यास बालिकातन में भाग लेने जा रहा है, जो मई तक चलेगा
- चीन ने इस कदम को उकसाने वाला बताया है और जापान को वन चाइना नीति का सम्मान करने की चेतावनी दी है
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जापानी समुद्री आत्मरक्षा बल (एमएसडीएफ) का डेस्ट्रॉयर जहाज 'जे एस इकाज़ुची' शुक्रवार को ताइवान स्ट्रेट से होकर गुजरा. जापान की प्रमुख न्यूज एजेंसी क्योडो के मुताबिक, टोक्यो पहले इस रास्ते से अपने जहाज भेजने से बचता था, ताकि चीन को उकसाया न जाए. लेकिन सितंबर 2024 में 'साजानामी' नाम का डेस्ट्रॉयर ऐसा करने वाला पहला जहाज बना. इसके बाद फरवरी और जून 2025 में भी दो जापानी जहाज इस जलडमरूमध्य से गुजरे.
नई पीएम के पद पर आने के बाद पहला मामला
क्योडो समाचार एजेंसी ने बताया प्रधानमंत्री साने ताकाइची के पिछले अक्टूबर में पदभार संभालने के बाद यह इस तरह का पहला मामला है. इससे दोनों एशियाई पड़ोसी देशों के बीच संबंधों में और तनाव आ सकता है, जो नवंबर में ताइवान से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति के बारे में उनकी टिप्पणियों के बाद से ही बिगड़ गए थे. यह भी बताया गया कि यह जहाज फिलीपींस में होने वाले बड़े संयुक्त सैन्य अभ्यास “बालिकातन” में हिस्सा लेने जा रहा है, जो सोमवार से शुरू होकर आठ मई तक चलेगा.
वहीं, चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि जापान की ये कार्रवाई उकसाने वाली है. उन्होंने दोहराया कि ताइवान का मुद्दा एक “रेड लाइन” है, जिसे पार नहीं किया जाना चाहिए. चीन की न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, चीन के रक्षा मंत्रालय ने इस मामले में जापान के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है.
चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जापानी जहाज का इस रास्ते से गुजरना ताइवान में अलगाववादी ताकतों को गलत संकेत देता है. उन्होंने जापान से कहा कि वह सही रास्ते पर लौटे, “वन चाइना” नीति का पालन करे और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का सम्मान करे. साथ ही उन्होंने कहा कि चीनी सेना किसी भी बाहरी दखल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार और सतर्क है. चीन के ईस्टर्न थिएटर कमांड के प्रवक्ता शू चेंगहुआ ने बताया कि पीएलए (चीनी सेना) ने जहाज पर नजर रखने के लिए हवाई और नौसेना संसाधन तैनात किए हैं, ताकि हालात पर पूरा नियंत्रण बना रहे.
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