- ट्रंप ने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी के लिए पूरी तरह खुल गया है और यातायात के लिए तैयार है
- ट्रंप ने बताया कि ईरान अमेरिकी सेना के सहयोग से होर्मुज में बिछी माइन्स को निकाल रहा है और जल्द समझौता होगा
- ट्रंप ने नाटो की भूमिका पर कड़ी आलोचना की है और कहा कि नाटो ने संकट के दौरान कोई महत्वपूर्ण सहायता नहीं दी है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ऐलान कर दिया है कि होर्मुज अब सभी के लिए खुल गया है. यहां तक ईरान अमेरिकी सेना के साथ मिलकर होर्मुज में बिछी माइन्स को भी निकाल रहा है. इसके साथ ही ट्रंप ने नाटो की अब तक की सबसे तगड़ी खिंचाई भी कर दी है. उन्होंने ईरान से लेकर लेबनान से किस तरह से डील होने वाली है, ये साफ कर दिया है.
- ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रूथ पर एक के बाद एक कई ट्वीट किए और लिखा, 'इस समय अमेरिका दुनिया का सबसे चर्चित देश है. कुछ समय पहले तक, सुस्त जो बाइडन के शासनकाल में, यह बिल्कुल निष्क्रिय था, पूरी दुनिया में इसका मज़ाक उड़ाया जाता था!!! लेकिन अब ऐसा नहीं है - कोई भी इस पर हंस नहीं रहा है!!!'
- फिर थोड़ी देर बाद लिखा, 'ईरान ने अभी-अभी घोषणा की है कि ईरान जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है और यातायात के लिए पूरी तरह से तैयार है। धन्यवाद!'
- ट्रंप ने फिर लिखा, होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है और व्यापार एवं पूर्ण आवागमन के लिए तैयार है, लेकिन ईरान के संबंध में नौसैनिक नाकाबंदी तब तक पूरी तरह से लागू रहेगी जब तक ईरान के साथ हमारा समझौता 100% संपन्न नहीं हो जाता. यह प्रक्रिया बहुत तेजी से आगे बढ़नी चाहिए क्योंकि अधिकांश बिंदुओं पर पहले ही बातचीत हो चुकी है. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!'
- अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे लिखा, 'अमेरिका को हमारे महान बी2 बमवर्षकों द्वारा निर्मित सभी परमाणु "धूल" प्राप्त होगी - किसी भी रूप में कोई धन-लेनदेन नहीं होगा. यह समझौता लेबनान से किसी भी प्रकार से संबंधित नहीं है, लेकिन अमेरिका लेबनान के साथ अलग से काम करेगा और हिज़्बुल्लाह मामले को उचित तरीके से संभालेगा. इजरायल अब लेबनान पर बमबारी नहीं करेगा. अमेरिका ने उन्हें ऐसा करने से प्रतिबंधित कर दिया है. बहुत हो गया!!! धन्यवाद!'
- नाटो पर फिर हमला बोलते हुए ट्रंप ने लिखा 'होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति समाप्त होने के बाद, मुझे नाटो से एक कॉल आया जिसमें पूछा गया कि क्या हमें किसी सहायता की आवश्यकता है. मैंने उनसे कहा कि वे दूर रहें, जब तक कि वे केवल अपने जहाजों में तेल भरना न चाहें. जरूरत पड़ने पर वे बेकार साबित हुए, एक कागज़ी शेर!'
- आखिरी में ट्रंप ने लिखा, 'सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर को उनकी महान बहादुरी और मदद के लिए धन्यवाद!'
ट्रंप के इन ऐलानों से ये साफ हो गया है कि अमेरिका और ईरान एक संभावित डील के करीब पहुंच गए हैं और जल्द ही इसका ऐलान हो सकता है. यही कारण है कि ट्रंप नाटो पर इस तरह से तंज कस रहे हैं. साथ ही ईरान की तरफ से होर्मुज खोलना भी इस बात पर मुहर लगाता है कि अमेरिका-ईरान के बीच बात बन गई है.
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