- होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से खाड़ी देशों से आने वाली गैस और ईंधन की आपूर्ति में बाधा नहीं आएगी
- लेबनान और इजरायल के बीच दस दिन का युद्धविराम लागू हो गया है, जिससे क्षेत्र में तनाव कम हो सकता है
- इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्ष विराम को लेकर बातचीत में प्रगति हुई है, लेकिन पूरी शांति अभी तय नहीं है
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आज बहुत बड़ी घोषणा की है. उन्होंने कहा कि लेबनान-इजरायल युद्धविराम तक होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला रहेगा. उनका ये ऐलान पूरी दुनिया के लिए इस साल की सबसे बड़ी गुड न्यूज है. इससे भारत समेत पूरी दुनिया की टेंशन एक झटके में दूर हो गई है.
In line with the ceasefire in Lebanon, the passage for all commercial vessels through Strait of Hormuz is declared completely open for the remaining period of ceasefire, on the coordinated route as already announced by Ports and Maritime Organisation of the Islamic Rep. of Iran.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) April 17, 2026
अराघची ने एक्स पर लिखा, "लेबनान में हुए युद्धविराम के अनुरूप, होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए युद्धविराम की शेष अवधि के लिए मार्ग पूरी तरह से खुला घोषित किया गया है, जो कि ईरान के इस्लामी गणराज्य के बंदरगाह और समुद्री संगठन द्वारा पहले से घोषित समन्वित मार्ग पर होगा."
कितना बड़ा है ये फैसला
होर्मुज खोलने का ऐलान कितना बड़ा है, ये इससे समझिए कि आपके घर में जो एलपीजी या पीएनजी गैस आता है, वो खाड़ी देशों से ही ज्यादातर होर्मुज के रास्ते आता है. पेट्रोल-डीजल जो आप अपनी कारों में भरवाते हैं, वो भी खाड़ी देशों से होर्मुज के रास्ते आता है. अब अगर होर्मुज खुल जाएगा तो किल्लत खत्म हो जाएगी और कीमतें बढ़ाने की नौबत नहीं आएगी. इसीलिए ये भारत सहित दुनिया भर के लिए बड़ी खबर है.
10 दिन का हुआ है युद्धविराम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित और लेबनान तथा इजरायल द्वारा सहमत 10 दिवसीय युद्धविराम शुक्रवार को लेबनान में कायम होता दिखा. इससे ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच युद्धविराम को आगे बढ़ाने के प्रयासों को बल मिल सकता है. यह स्पष्ट नहीं है कि अगले सप्ताह युद्धविराम समाप्त होने से पहले अमेरिका और ईरान के बीच कोई स्थायी समझौता हो पाएगा या नहीं, लेकिन इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच लड़ाई में विराम इस बात का संकेत हो सकता है कि कुछ प्रगति हुई है.
ईरान-अमेरिका समझौते से बढ़ेगी बात
इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच युद्ध की समाप्ति ईरानी वार्ताकारों की प्रमुख मांग थी. इजरायल लेबनान से सीधे नहीं लड़ रहा है, बल्कि लेबनान के अंदर ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह आतंकवादी समूह से लड़ रहा है, जिसने एक बयान में कहा कि "कोई भी युद्धविराम लेबनान के पूरे क्षेत्र में व्यापक होना चाहिए और इजरायल दुश्मन को किसी भी प्रकार की आवाजाही की स्वतंत्रता नहीं देनी चाहिए." इजरायल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने लेबनान के साथ शांति प्रयासों को "आगे बढ़ाने" के लिए युद्धविराम पर सहमति जताई, लेकिन कहा कि इजरायली सैनिक वापस नहीं लौटेंगे.
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