- इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष का आज 12वां दिन है, लेकिन शांति की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है.
- कच्चे तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में उछलकर बैरल के लिए 88 डॉलर तक पहुंच गई हैं.
- ईरान ने दुबई एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला किया, जिसमें एक भारतीय समेत चार लोग घायल हुए, लेकिन हमला नाकाम रहा.
इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े भीषण संघर्ष का आज 12वां दिन है. लेकिन अभी तक शांति की कोई भी उम्मीद नजर नहीं आ रही है. जो युद्ध शुरू में एक क्षेत्रीय विवाद जान पड़ रहा था, वह अब तेजी से दुनिया के कई अन्य देशों को अपनी चपेट में ले चुका है. इस युद्ध का सबसे अधिक असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है. ईंधन बाजार इसकी तपिश को सबसे ज्यादा महसूस कर रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें उछलकर 88 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गईं. तेल की कीमतों में यह उछाल तब देखने को मिल रहा है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संघर्ष को एक 'सीमित युद्ध' करार देकर वैश्विक बाजारों को शांत करने की कोशिश की थी.
ईरान की कूटनीतिक... क्या युद्ध के दलदल में फंसा अमेरिका?
मिडिल ईस्ट को करीब से जानने वाले एक्सपर्ट्स भी यही बता रहे हैं ईरान ने अपनी कूटनीतिक और सैन्य चालों से अमेरिका को इस युद्ध के ऐसे दलदल में फंसा दिया है, जिससे बाहर निकलना वाशिंगटन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. ईरान की ओर से लगातार बढ़ते आक्रामक रुख और रणनीतिक मोर्चों पर उसकी पकड़ ने युद्ध को एक लंबी और अनिश्चित खिंचाव वाली स्थिति में डाल दिया है. सप्लाई चेन में आ रही रुकावटों और खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों पर बढ़ते खतरों ने दुनिया भर के निवेशकों और सरकारों की नींद उड़ा दी है.
आर्थिक मंदी के मुहाने पर दुनिया!
वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का डर अब हकीकत में बदलता दिख रहा है, क्योंकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें सीधे तौर पर परिवहन और उत्पादन लागत को प्रभावित कर रही है. यदि यह युद्ध अगले कुछ दिनों में नहीं थमा, तो 88 डॉलर प्रति बैरल का यह आंकड़ा 100 डॉलर को भी पार कर सकता है. फिलहाल, न तो अमेरिका पीछे हटने को तैयार दिख रहा है और न ही ईरान अपनी शर्तों से समझौता करने के मूड में है. यह गतिरोध न केवल मिडिल ईस्ट की स्थिरता के लिए खतरा है, बल्कि दुनिया को एक नए आर्थिक मंदी के मुहाने पर लाकर खड़ा कर चुका है.

दुबई एयरपोर्ट को ईरान ने फिर बनाया निशाना
दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के करीब ईरान ने आज फिर ड्रोन से हमला किया है. हालांकि, ड्रोन हमले को नाकाम कर दिया गया है लेकिन इसमें एक भारतीय समेत चार लोग घायल हुए हैं. गौरतलब है कि ईरान लगातार अपने पड़ोसी देशों को ड्रोन और मिसाइल से निशाना बना रहा है. दुबई एयरपोर्ट पर ये हमला इसी कड़ी का हिस्सा है.
ईरान की 16 नावों को मिसाइल और ड्रोन अटैक में तबाह
अमेरिकी मीडिया दावा कर रही है कि ईरान ने तेल व्यापार के लिए दुनिया के सबसे अहम चोकपॉइंट, होर्मुज के जलडमरूमध्य में माइंस बिछानी शुरू कर दी है. दूसरी तरफ अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने माइंस बिछाने वाली ईरान की 16 नावों को मिसाइल और ड्रोन अटैक में तबाह कर दिया है.

एक ही दिन में 3 जहाजों पर हमले
बुधवार को होर्मुज में हमलों में तेजी आई. थाईलैंड के मयूरी नारी नाम के जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमले के बाद आग लग गई. ये जहाज भारत के कांडला बंदरगाह आ रहा था. दूसरा हमला यूएई के रास अल खैमाह के पास जापान के 'वन मेजेस्टी' कंटेनर शिप पर हुआ. इससे जहाज को मामूली नुकसान की खबर है. तीसरा हमला दुबई के तट से 50 मील दूर मार्शल आइलैंड के जहाज 'स्टार ग्विनिथ' पर किया गया. इससे जहाज के बाहरी हिस्से को नुकसान पहुंचा, हालांकि क्रू मेंबर सुरक्षित बताए गए हैं.
32 देशों के संगठन का बड़ा फैसला, तेल संकट करेंगे दूर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से गहराए तेल संकट को देखते हुए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के 32 सदस्य देशों ने अपने इमरजेंसी भंडार से 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में रिलीज करने का फैसला किया है. IEA के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने एक बयान में बताया कि यह तेल हर सदस्य देश अपनी राष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए उचित समय सीमा के अंदर बाजार में जारी करेगा. इसका मकसद मिडिल ईस्ट युद्ध की वजह से वैश्विक तेल बाजार में पैदा हुए संकट को कम करना है.
लेबनान में इजरायली हमले में अब तक 570 की मौत
लेबनान में इजरायल की ओर से हमले जारी हैं. हिज्बुल्लाह के खिलाफ जारी इस अभियान की शुरुआत मार्च के पहले हफ्ते से हुई, जिसमें बुधवार तक 570 लोगों की मौत हो चुकी है. देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को आंकड़े जारी करके बताया कि पिछले 24 घंटे में ही 84 लोग हमलों और हवाई हमलों में मारे गए हैं. घायलों की संख्या बढ़कर 1,444 हो गई है, जिनमें से 131 लोग मंगलवार को घायल हुए.

ईरान युद्ध में 2 भारतीयों की मौत
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को कन्फर्म किया कि मिडिल ईस्ट संघर्ष में अब तक दो भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है. एक भारतीय नागरिक लापता है. ये लोग उन व्यापारिक जहाजों पर सवार थे, जिन्हें समुद्र में निशाना बनाया गया. उन्होंने बताया कि गल्फ रीजन में कुछ और भारतीय घायल हुए हैं. इनमें से एक व्यक्ति इजरायल में और दूसरा दुबई में जख्मी हुआ है. विदेश मंत्रालय इन सभी के परिवारों के साथ निरंतर संपर्क में है.
'रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की छूट'
ईरान युद्ध के बीच भारत को अस्थायी तौर पर रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की छूट पर व्हाइट हाउस ने बयान दिया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि संघर्ष के बीच ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए उसने भारत को अस्थायी रूप से उन रूसी तेल खेपों को स्वीकार करने की अनुमति दी है, जो पहले से जहाज़ों में लदी हुई थीं. राष्ट्रपति ट्रंप ने ये फैसला इसलिए किया क्योंकि भारत ने अच्छा व्यवहार करते हुए प्रतिबंधित रूसी तेल खरीदना पहले ही बंद कर दिया था.

ईरान ने कुवैत में अमेरिकी अड्डे को निशाना बनाया
ईरानी समाचार एजेंसियों फ़ार्स और मेहर के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि कम से कम दो मिसाइलों ने कुवैत में अमेरिका के अड्डे को निशाना बनाया है. कुवैती अधिकारियों ने अभी तक रिपोर्टों पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
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