इज़रायल और हमास के बीच युद्ध का आज 14वां दिन है और ये संघर्ष कब थमेगा, कुछ कहा नहीं जा सकता. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का कहना है कि हमास और रूस दोनों पड़ोसी लोकतंत्र को नष्ट करना चाहते हैं, वह पिछले दिनों इज़रायल भी गए थे. बाइडेन के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भी इज़रायल पहुंचे और ‘सबसे कठिन समय'में इजराइल के साथ खड़े होने का वादा किया. दरअसल, गाज़ा के अल अहली अरब अस्पताल में हुए विस्फोट के बाद समीकरण काफी बदल गए हैं. इस विस्फोट में लगभग 500 लोगों के मारे जाने की खबर है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा हुई है.
अमेरिका की खुफिया एजेंसी का अनुमान है कि इस विस्फोट में मरनेवालों की संख्या 100 से 300 के आसपास होगी. हालांकि, इज़रायल और हमास दोनों ही इस विस्फोट के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. इस बीच भारत ने बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सख्ती से पालन करने का आह्वान किया और इजराइल-हमास संघर्ष में नागरिकों के हताहत होने पर चिंता व्यक्त की. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने सात अक्टूबर को इजराइल के शहरों पर हमास के हमले का जिक्र करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सभी तरह के आतंकवाद से निपटने के लिए एक साथ खड़ा होना चाहिए.
इजराइल और हमास के बीच लड़ाई तब शुरू हुई, जब गाजा पट्टी से सशस्त्र हमास आतंकवादियों ने 7 अक्टूबर को जमीन, हवा और समुद्र से इजराइल पर अचानक हमला किया। हमलों का बदला लेने के लिए इजराइल ने गाजा में बड़े पैमाने पर जवाबी हमला शुरू कर दिया. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से गाजा में 3,300 से अधिक लोग मारे गए हैं और 12,000 से अधिक घायल हुए हैं। इजराइल में लगभग 1400 लोग मारे गए हैं और 3,800 घायल हुए हैं.