मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने शुक्रवार को और खतरनाक मोड़ ले लिया. इजरायल, ईरान और अमेरिका से जुड़े मोर्चों पर एक के बाद एक बड़े हमले सामने आए, जिससे पूरे इलाके में सुरक्षा हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं.
तेल अवीव में विस्फोट, एक की मौत
तेल अवीव और मध्य इजरायल में बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद कई जगहों पर जोरदार विस्फोट हुए. हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियां नुकसान और हताहतों का आकलन कर रही हैं. मिसाइल हमले से रिहायशी इलाकों में दहशत फैल गई.
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ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले की पुष्टि
ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, शुक्रवार को उसके परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया. IRNA के अनुसार, अराक स्थित शाहिद खोंदाब हैवी वॉटर कॉम्प्लेक्स और यज़्द प्रांत के अरदकान में स्थित येलोकेक उत्पादन संयंत्र पर हमले हुए.
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने कहा कि इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ और न ही किसी तरह के रेडियोधर्मी प्रदूषण का खतरा है. येलोकेक यूरेनियम का सघन रूप होता है, जबकि हैवी वॉटर का इस्तेमाल परमाणु रिएक्टरों में किया जाता है. गौरतलब है कि अराक संयंत्र पर इससे पहले भी पिछले साल हमला हो चुका है. ये घटनाक्रम ऐसे समय सामने आए हैं, जब इजरायल ने अपने अभियानों को 'और तेज व व्यापक' करने की चेतावनी दी थी.
सऊदी अरब में अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल हमला
वॉशिंगटन से आई खबर के अनुसार, ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले में सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर तैनात कम से कम 10 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए. दो सैनिकों की हालत गंभीर बताई जा रही है. इस हमले में अमेरिकी वायुसेना के कई रिफ्यूलिंग विमान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं.
सूत्रों के मुताबिक, सैटेलाइट तस्वीरों में विमानों को हुए नुकसान के संकेत मिले हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि पिछले एक महीने से जारी संघर्ष में अब तक 300 से ज्यादा अमेरिकी सैन्यकर्मी घायल हो चुके हैं, जिनमें से 10 की स्थिति गंभीर बनी हुई है.
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यह इस एयरबेस पर पहला हमला नहीं है. 1 मार्च को हुए एक हमले में घायल हुए अमेरिकी सैनिक बेंजामिन एन. पेनिंगटन की कुछ दिन बाद मौत हो गई थी. अब तक इस युद्ध में 13 अमेरिकी सैन्यकर्मियों की जान जा चुकी है.
ट्रंप का दावा: ‘युद्ध के बाद रिश्तों का वक्त'
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मियामी में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ईरान युद्ध समाप्त होने के बाद सऊदी अरब और इजरायल के बीच संबंध सामान्य करने का समय आ गया है. ट्रंप ने कहा, 'अब वक्त आ गया है. हमने उन्हें बुरी तरह हरा दिया है. अब अब्राहम समझौतों की ओर बढ़ना चाहिए.'
हालांकि, सऊदी अरब पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि इजरायल के साथ संबंध सामान्य करने से पहले फ़िलिस्तीनी राज्य के लिए एक ठोस और विश्वसनीय रास्ता जरूरी है. कुल मिलाकर तेल अवीव से लेकर अराक और सऊदी अरब तक फैले इन हमलों ने संकेत दे दिया है कि संघर्ष थमने के बजाय और व्यापक होता जा रहा है. आने वाले दिनों में मध्य‑पूर्व की दिशा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की अग्निपरीक्षा तय मानी जा रही है.
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