विज्ञापन

ईरान में जंग के बीच किन लोगों को फांसी पर चढ़ा रहे नए सुप्रीम लीडर के जल्लाद?

सालेह मोहम्मदी, शेरविन जाबाली और अन्य युवकों को मोहरेबे के आरोप में सार्वजनिक रूप से फांसी दी गई है.

ईरान में जंग के बीच किन लोगों को फांसी पर चढ़ा रहे नए सुप्रीम लीडर के जल्लाद?

ईरान की जेलों में बंद प्रदर्शनकारियों के लिए मौत का साया गहराता जा रहा है. एक तरफ जहां दुनिया का ध्यान अमेरिका-इजरायल के साथ जारी ईरान के युद्ध पर है, वहीं दूसरी तरफ तेहरान इस जंग की आड़ में अपने ही देश के बागियों और प्रदर्शनकारियों को ठिकाने लगाने में जुटा है. आरोप है कि युद्ध के शोर में मानवाधिकारों के उल्लंघन और बेहिसाब फांसियों को दबाया जा रहा है. ईरान की ओर से उठाए जा रहे इस कदम में लोगों की फेहरिस्त लंबी है. 

जनवरी में ईरान के प्रदर्शनों के सिलसिले में 30 साल के पयवंद नैमी को गिरफ्तार किया गया. पिछले तीन महीनों से अमानवीय यातनाएं झेल रहे हैं. उन्हें एक महीने तक कालकोठरी में रखा गया, टीवी पर जबरन गुनाह कबूल करवाया गया और दो बार 'मॉक हैंगिंग' (फांसी का नाटक) के जरिए मानसिक रूप से तोड़ा गया.

पयवंद नैमी पर सुरक्षाकर्मियों की हत्या का आरोप है, लेकिन उनके परिवार का कहना है कि पयवंद को वकील तक नहीं मिला और उन्हें बिना किसी औपचारिक चार्जशीट के फांसी दी जा सकती है. इस आर्टिकल में ऐसे कुछ लोगों के बारे में बताएंगे जिन्हें ईरान में काल कोठरी की सजा काटनी पड़ रही या मौत की सजा दी जा सकती है या फांसी दी जा चुकी है. 

सालेह मोहम्मदी

ईरान मानवाधिकार (IHR) के अनुसार, साल 2026 में अब तक कम से कम 145 लोगों को फांसी दी जा चुकी है, जबकि 400 से अधिक अन्य मामलों की पुष्टि होना बाकी है.

इसी महीने 19 साल के उभरते पहलवान सालेह मोहम्मदी को दो अन्य युवकों मेहदी कासेमी और सईद दाऊदी के साथ सार्वजनिक रूप से फांसी पर लटका दिया गया.

इन पर 'मोहरेबे' यानी 'खुदा के खिलाफ युद्ध' छेड़ने का आरोप लगाया गया था. इसके साथ ही स्वीडिश-ईरानी नागरिक कुरुश कीवानी को इजरायल के लिए जासूसी के आरोप में मौत दे दी गई.

शेरविन जाबाली

इंटरनेट शटडाउन के कारण फांसियों का सही आंकड़ा जुटाना मुश्किल है, लेकिन डराने वाली खबरें रुक नहीं रही हैं. 18 साल के शेरविन जाबाली के परिवार को सरकारी टीवी से पता चला कि उनके बेटे को मौत की सजा मिली है.

टीवी फुटेज में देखा जा सकता था कि जब शेरविन ने कांपती आवाज में पूछा कि 'मोहरेबे' का मतलब क्या होता है, तो पूछताछ करने वाले ने सीधा जवाब दिया कि इसका मतलब 'फांसी' होता है. परिवार की ओर से दावा किया जा रहा है कि शेरविन पर भी सुरक्षा बलों की हत्या का आरोप मढ़कर उससे जबरन बयान लिए गए हैं.

मोहम्मद तकवी और अकबर दानिशवरकर 

एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक, राजनीतिक विरोधियों को कुचलने के लिए ईरान 'बागी' (सशस्त्र विद्रोह) जैसे आरोपों का सहारा ले रहा है. हाल ही में 59 वर्षीय मोहम्मद तकवी और 60 वर्षीय अकबर दानिशवरकर को फांसी दी गई.

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इन मुकदमों को पूरी तरह से 'अन्यायपूर्ण' बताया है. मानवाधिकार समूहों का मानना है कि 'विमेन, लाइफ, फ्रीडम' आंदोलन के बाद से ईरान ने मौत की सजा को खौफ पैदा करने वाले हथियार की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. 

दानियाल नियाजी

कुर्द अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुक रखने वाले 18 साल के दानियाल नियाजी की हालत भी गंभीर है. जेल में उनसे मिलने पहुंची मां ने बताया कि दानियाल को इतना पीटा गया है कि वह चल भी नहीं पा रहे.

सुरक्षा बलों ने उन्हें डराने के लिए परिवार की महिलाओं के साथ बदसलूकी की धमकियां दी हैं. मानवाधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध के कारण तेल की कीमतों और भू-राजनीति पर सबका ध्यान है. इस कारण ईरान के लिए इन फांसियों की राजनीतिक कीमत बहुत कम हो गई है.

यह भी पढ़ें: ट्रंप की धमकी को धुएं में उड़ा रहे ईरान के लोग, युद्ध के बीच तेहरान के पार्क में हुक्का पार्टी-Photos

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com