- ईरानी संसद के स्पीकर ने कह दिया है कि 60 दिन के बाद हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से ईरान टोल वसूलेगा
- उन्होंने कहा- हॉर्मुज पर ईरान का संप्रभु अधिकार है और इसलिए हम वहां दी जाने वाली सेवाओं के बदले फीस लेंगे
- अमेरिका के साथ 14 प्वाइंट के MoU ने ईरान के लिए टोल वसूलने का रास्ता खोल दिया है
अमेरिका ने ईरान को अब कमाई का वह जरिया दे दिया है, जो उसके पास जंग से पहले था ही नहीं- होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने का. ईरान की तरफ से मुख्य वार्ताकार और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने अमेरिका से डील साइन होने के बाद कह दिया है कि भले अमेरिका के साथ हुए समझौते (MoU) के अनुसार 60 दिन तक कोई टोल नहीं लिया जाएगा, लेकिन उसके बाद हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से ईरान टोल वसूलेगा. 14 प्वाइंट के इस MoU में अमेरिका ने ईरान के लिए टोल वसूलने का रास्ता खोल दिया है.
ईरान ने क्या कहा?
ईरान के सरकारी टीवी को दिए इंटरव्यू में गालिबाफ ने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य अब युद्ध से पहले जैसी स्थिति में वापस नहीं जाएगा. उन्होंने कहा, "हॉर्मुज पर ईरान का संप्रभु अधिकार है और इसलिए हम वहां दी जाने वाली सेवाओं के बदले फीस लेंगे." इसका मतलब है कि ईरान फिर से तेल टैंकरों से लगभग 1 डॉलर प्रति बैरल तेल के हिसाब से टोल लेना शुरू कर सकता है. इस टोल से जंग के बीच ईरान को यहां से गुजरने वाले हर तेल टैंकर से लगभग 20 लाख डॉलर (2 मिलियन डॉलर) की कमाई हुई थी.
MoU में क्या लिखा है?
अमेरिका और ईरान के 14 प्वाइंट के MoU के 5वें प्वाइंट में होर्मुज का जिक्र है. इसके अनुसार होर्मुज से 60 दिनों तक बिना किसी फीस से जहाजों को गुजरने दिया जाएगा. ईरान फारस की खाड़ी से ओमान सागर तक और इसके विपरीत कमर्शियल जहाजों की आवाजाही को जंग से पहले के स्तर पर बहाल करने के लिए 30 दिनों के भीतर तुरंत कदम उठाएगा. लेकिन आगे 60 दिनों के बाद के लिए टोल वसूलने का विकल्प खुला रखा गया है. फुल टेक्स्ट में आगे लिखा है कि ईरान लागू इंटरनेशनल कानून और होर्मुज से लगे देशों के सॉवरेन अधिकारों के अनुसार, फारस की खाड़ी के दूसरे तटीय देशों के साथ चर्चा करके होर्मुज में भविष्य के एडमिनिस्ट्रेशन और समुद्री सेवाओं को तय करने के लिए ओमान सल्तनत के साथ बातचीत करेगा.
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