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ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों में अब तक 310 छात्रों-शिक्षकों की गई जान, इतने स्कूलों पर हुआ हमला

ईरान के शिक्षा मंत्री अलीरेजा काजेमी के मुताबिक होर्मोजगान, मार्कजी, तेहरान और पूर्वी अजरबैजान प्रांतों में शिक्षा ढांचे पर हमलों का सबसे ज्यादा असर पड़ा है.

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों में अब तक 310 छात्रों-शिक्षकों की गई जान, इतने स्कूलों पर हुआ हमला
नई दिल्ली:

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला शुरू किया था. इसके बाद से अब तक ईरान में अमेरिका-इजरायल के हमलों में 310 छात्र और शिक्षकों की मौत हो चुकी है. इस दौरान ईरान के 750 से अधिक स्कूलों को निशाना बनाया गया है. यह जानकारी ईरान के शिक्षा मंत्री अलीरेजा काजेमी ने दी है. उन्होंने बताया कि इन हमलों में अब तक 210 से अधिक छात्र और शिक्षक घायल हुए हैं.

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था. हमले के पहले ही दिन ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई थी. इसके बाद से अमेरिका-इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों, स्कूलों और अस्पतालों को निशाना बनाया है.

ईरान में कितने स्कूलों पर हुआ है हमला

ईरान के सरकारी टीवी चैनल प्रेस टीवी को दिए एक इंटरव्यू में काजेमी ने कहा कि अमेरिका-इजरायल के हमलों से शिक्षा ढांचे को बहुत नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा,''करीब 900 शैक्षणिक और प्रशासनिक इकाइयों के साथ-साथ कैंपिंग और खेल सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है या उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है.'' उन्होंने बताया कि इन हमलों में 750 स्कूलों को नुकसान पहुंचा है. मंत्री के मुताबिक होर्मोजगान, मार्कजी, तेहरान और पूर्वी अजरबैजान प्रांतों में शिक्षा ढांचे पर हमलों का सबसे ज्यादा असर पड़ा है.

हमले के पहले ही दिन दक्षिणी तेहरान के मिनाब में शजराह तैयबा प्राइमरी स्कूल पर हुए एक मिसाइल हमले में 168 लोगों की मौत हो गई थी. मरने वालों में अधिकांश छोटी स्कूली बच्चियां थीं.इस हमले को लेकर दुनियाभर में दुख जताया गया था. लोगों ने इस बच्चों के स्कूल पर हुए इस हमले के लिए अमेरिका और इजरायल की आलोचना की थी. लेकिन दोनों ही देशों ने इस हमले में अपना हाथ होने से इनकार किया था. लेकिन मलबे से मिले मिसाइल के टुकड़ों से वहां गिरी मिसाइल के अमेरिकी होने की पुष्टि हुई थी.

 ईरान के शिक्षा मंत्री ने कहा,''ईरान के विदेश मंत्रालय ने पहले ही संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों से संपर्क किया है, ताकि ईरानी छात्रों के लिए न्याय की कानूनी कार्रवाई की जा सके.'' उन्होंने कहा कि दुश्मनों ने जानबूझकर ईरान के नागरिक ढांचे और ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया, जिससे सैकड़ों नागरिक मारे गए. 

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