- ईरान ने जंग रोकने के लिए अमेरिका के 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया हैः ईरानी टीवी का दावा
- ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अपनी 5 शर्तें रखी हैं जिनमें सैन्य हमले बंद करना और हर्जाना शामिल है
- ईरान का कहना है कि युद्ध कब खत्म होगा, इसका फैसला वह खुद करेगा. अमेरिका या ट्रंप यह तय नहीं कर सकते
ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. ईरान के सरकारी टीवी ने यह दावा किया है. प्रेस टीवी ने ईरान के एक सीनियर अधिकारी के हवाले से बताया कि ईरान ने इस "थोपे गए युद्ध" को खत्म करने के अमेरिकी प्रस्ताव का नकारात्मक जवाब दिया है. अधिकारी ने कड़े शब्दों में कहा कि इस युद्ध का अंत तब होगा, जब ईरान तय करेगा, न कि ट्रंप. हालांकि प्रेस टीवी ने उस अधिकारी का नाम नहीं बताया.
पाकिस्तान को बता दिया रुख
उधर बेरूत के टीवी चैनल अल मायादीन ने राजनीतिक और सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया है कि ईरान ने मध्यस्थता की कोशिश कर रहे पाकिस्तान को बता दिया है कि वह बातचीत के लिए अमेरिका के 15 सूत्री प्रस्ताव को मंजूर नहीं कर सकता.
ईरान का रुख बदलने की संभावना कम
चैनल ने सूत्रों के हवाले से कहा कि ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ द्वारा मध्यस्थों के जरिए भेजा गया प्रस्ताव ईरान की बातचीत की प्राथमिकताओं में शामिल नहीं है. ईरान का मानना है कि मौजूदा हालात में इस रुख में बदलाव की संभावना बहुत कम है.
ईरान ने ये 5 शर्तें रखीं
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान सरकार ने युद्ध खत्म करने के लिए अपनी 5 शर्तें रखी हैं, जो इस प्रकार हैं-
- 'दुश्मन' की तरफ से सैन्य आक्रामकता और हत्याओं पर पूरी तरह रोक लगाई जाए.
- यह ठोस गारंटी दी जाए कि भविष्य में ईरान पर फिर युद्ध नहीं थोपा जाएगा.
- युद्ध में हुए नुकसान के लिए ईरान को साफतौर पर गारंटी के साथ हर्जाना दिया जाए.
- सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म किया जाए, जिसमें क्षेत्र के सभी रेजिस्टेंस समूहों पर हमले भी शामिल हों.
- स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर ईरान के संप्रभु अधिकार को अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्रदान करते हुए गारंटी दी जाए.
ट्रंप के 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव में क्या?
इससे पहले, अमेरिका ने ईरान युद्ध खत्म करने के लिए 15 सूत्रीय प्लान भेजा था. ये प्लान आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये प्लान पाकिस्तान के जरिए भेजा गया था और इसकी प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं-
- ईरान को अपनी सभी परमाणु क्षमताओं को पूरी तरह खत्म करना होगा.
- ईरान अपनी धरती पर यूरेनियम संवर्धन का काम पूरी तरह बंद करेगा.
- ईरान को लिखित और स्थायी प्रतिबद्धता देनी होगी कि वह कभी भी परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं करेगा.
- होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह 'फ्री मैरीटाइम जोन' घोषित किया जाएगा.
- बैलिस्टिक मिसाइलों की रेंज और स्टॉक पर सख्त सीमाएं तय करने की बात कही गई है
- ईरान को मिडिल ईस्ट में सक्रिय अपने सहयोगी गुटों (जैसे हिजबुल्लाह या हूती) को हथियार और पैसा देना बंद करना होगा.
- समझौते पर विस्तार से बात करने के लिए अमेरिका ने 30 दिनों के युद्धविराम का भी प्रस्ताव दिया है.
कहा गया था कि अगर ईरान ये शर्तें मान लेता है तो अमेरिका उस पर लगे सभी परमाणु प्रतिबंध हटा लेगा. ईरान को शांतिपूर्ण कार्यों के लिए बुशहर रिएक्टर से सिविलियन न्यूक्लियर एनर्जी प्रोग्राम चलाने में मदद दी जाएगी. स्नैपबैक मैकेनिज्म को हटा दिया जाएगा, जिससे प्रतिबंध दोबारा अपने आप लागू नहीं होंगे.
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