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परमाणु हथियारों की जांच के लिए निरीक्षकों को नहीं आने देगा ईरान, ट्रंप और वेंस के दावों को बताया झूठा

अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में वार्ता हो रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों परमाणु डील करेंगे. हालांकि अलग-अलग आते बयान इस उम्मीद को कमजोर करते हैं.

परमाणु हथियारों की जांच के लिए निरीक्षकों को नहीं आने देगा ईरान, ट्रंप और वेंस के दावों को बताया झूठा
US Iran Talks: अमेरिका-ईरान की स्विट्जरलैंड में बैठक चल रही है (फोटो- NDTV)
  • ईरान का दावा है कि उसने अपने यहां इंटरनेशनल न्यूक्लियर इंस्पेक्टर्स को आने की अनुमति नहीं दी है
  • जबकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने यही दावा किया था
  • ईरान ने कहा- IAEA के साथ सहयोग पहले से मौजूद सुरक्षा नियमों और देश के कानूनी ढांचे के तहत ही जारी रहेगा

क्या ईरान ने परमाणु हथियारों पर दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए इंटरनेशनल न्यूक्लियर इंस्पेक्टर्स को आने की अनुमति दे दी है? अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस तो यही दावा कर रहे हैं लेकिन अब ईरान ने इसे साफ-साफ झूठ करार दिया है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि देश का अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (न्यूक्लियर वाचडॉग IAEA) के साथ सहयोग पहले से मौजूद सुरक्षा नियमों और देश के कानूनी ढांचे के तहत ही जारी रहेगा.

सोमवार को स्विट्जरलैंड में हुई हालिया अमेरिका-ईरान वार्ता के बाद ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना से बात करते हुए बकाई ने अमेरिका की तरफ से आए बयान पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था (IAEA) के साथ सहयोग ईरानी सरकार और IAEA के बीच हुए "सेफगार्ड्स एग्रीमेंट" के आधार पर ही होगा.

बकाई ने इरना से कहा, "सेफगार्ड्स एग्रीमेंट के तहत ईरान की जो जिम्मेदारियां हैं, उनके अनुसार एजेंसी के साथ हमारा सहयोग मौजूदा प्रक्रियाओं के तहत जारी रहेगा और इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली द्वारा बनाए गए कानूनों तथा सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के फैसलों का पालन करेगा."

उनकी यह टिप्पणी उस समय आई जब वार्ता के बाद वेंस और फिर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि बातचीत में हुई प्रगति के तहत ईरान ने परमाणु निरीक्षकों (न्यूक्लियर इंस्पेक्टर्स) को देश में आने की अनुमति देने पर सहमति दी है.

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या दावा किया?

डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (स्थानीय समयानुसार) उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के इस दावे को दोहराया कि ईरान स्विट्जरलैंड में हुई हालिया बातचीत के बाद व्यापक हथियार निरीक्षण को स्वीकार करने के लिए तैयार है. यह बातचीत 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत हुई थी. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़े निरीक्षणों पर सहमत हो जाएगा.

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ट्रंप ने लिखा, "हर कोई पूरी तरह जानता है कि ईरान भविष्य में लंबे समय तक 'परमाणु ईमानदारी' सुनिश्चित करने के लिए बड़े स्तर के हथियार निरीक्षणों को स्वीकार करेगा."

जेडी वेंस ने क्या दावा किया?

सोमवार को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बातचीत के पहले दिन को "बहुत, बहुत अच्छा" बताया और कहा कि इन चर्चाओं ने संभावित अंतिम समझौते की नींव रख दी है. यहां वेंस ने यह भी कहा था कि ईरान परमाणु निरीक्षकों को देश में आने दे रहा है और निरीक्षण व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा ताकि तेहरान परमाणु हथियार न बना सके.

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