- ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाने से इनकार की खबरों का स्पष्ट खंडन किया.
- ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिकी मीडिया पर ईरान के रुख को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया.
- अमेरिकी और पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया था कि ईरान ने इस्लामाबाद में बातचीत से मना कर दिया था.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने उन खबरों का खंडन किया कि ईरान, अमेरिका के साथ भविष्य की बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाने को तैयार नहीं है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेहरान का रुख किसी भी बातचीत की शर्तों पर निर्भर करता है. इसके साथ ही ईरानी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार से शनिवार की देर रात को फोन पर बातचीत की. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा, "डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री सीनेटर मोहम्मद इशाक डार ने आज रात विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात की. उन्होंने बदलते क्षेत्रीय परिदृश्य पर अपने विचार शेयर किए."
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि इशाक डार ने तनाव कम करने के मकसद से की जा रही सभी कोशिशों के लिए पाकिस्तान का समर्थन दोहराया और बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए मसलों को सुलझाने के महत्व पर जोर दिया. दोनों ने चल रहे डेवलपमेंट को देखते हुए करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई.
वहीं इस बातचीत से पहले ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने एक्स पोस्ट में कहा, "अमेरिकी मीडिया ईरान के रुख को गलत तरीके से पेश कर रहा है. हम पाकिस्तान की कोशिशों के लिए उसके बहुत शुक्रगुजार हैं और हमने कभी भी इस्लामाबाद जाने से मना नहीं किया है."
Iran's position is being misrepresented by U.S. media.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) April 4, 2026
We are deeply grateful to Pakistan for its efforts and have never refused to go to Islamabad. What we care about are the terms of a conclusive and lasting END to the illegal war that is imposed on us.
پاکستان زنده باد pic.twitter.com/AUjBQxOFyA
आपकी सफाई के लिए सच में शुक्रिया: पाकिस्तान विदेश मंत्री
बता दें, अब ईरानी विदंश मंत्री की तरफ से सफाई आ रही है, लेकिन पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के 3 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि अमेरिका बात करने के लिए तैयार था, लेकिन ईरान ने आखिरी मौके पर इस्लामाबाद आने से मना कर दिया. इसके अलावा, द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के बाद अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इसी तरह की खबर पाकिस्तानी अधिकारियों के हवाले से साझा की थी.
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अब इजरायल ने ही पाकिस्तान को मध्यस्थ मानने से किया इनकार
वहीं अराघची के इस पोस्ट पर जवाब देते हुए इशाक डार ने लिखा, “मेरे प्यारे भाई सैयद अब्बास अराघची, आपकी सफाई के लिए सच में शुक्रिया.”
भले ही ईरान ने मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान कोशिशों का समर्थन किया है, लेकिन इजरायल साफतौर पर कहता है कि वह पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करता है. भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने इस बात पर जोर दिया कि इजरायल का नजरिया उसके अपने आकलन और प्रमुख सहयोगियों के आकलन की ओर से निर्देशित होता है.
पाकिस्तान की मध्यस्थता वाली बात पर उन्होंने कहा, "हम ऐसे देश पर भरोसा नहीं करेंगे, जिसके साथ हमारे राजनयिक संबंध नहीं हैं. हम अपने विवेक और संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के विवेक पर भरोसा करते हैं."
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