Delhi News: केंद्र सरकार ने 4 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार (Advisor to PM) तरुण कपूर (Tarun Kapoor) के कार्यकाल को 1 साल के लिए और बढ़ा दिया है. पीएमओ (PMO) जैसे देश के सबसे अहम दफ्तर में उनकी इस निरंतरता ने एक बार फिर लोगों की दिलचस्पी बढ़ा दी है कि आखिर तरुण कपूर कौन हैं? और ऊर्जा से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक की नीतियों में उनका क्या रोल है.
आइए जानते हैं 1987 बैच के इस तेजतर्रार पूर्व IAS अधिकारी के उस सफर के बारे में, जिसने उन्हें हिमाचल की वादियों से लेकर देश के प्रधानमंत्री के सबसे करीबी सलाहकारों की लिस्ट में लाकर खड़ा कर दिया.
हिमाचल के शिमला से है गहरा नाता
तरुण कपूर 1987 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के रिटायर्ड भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं. उनका मूल संबंध हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से ही है. एक तेजतर्रार और विजनरी अधिकारी के रूप में उनकी पहचान उनके शुरुआती कार्यकाल से ही बनने लगी थी.
क्यों कहलाते हैं देश के 'सोलर मैन'?
तरुण कपूर को प्रशासनिक हलकों में सोलर मैन (Solar Man) के नाम से भी जाना जाता है. यह नाम उन्हें ऐसे ही नहीं मिला. अपने लंबे करियर के दौरान, खासकर नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) में रहते हुए, उन्होंने देश में सौर ऊर्जा (Solar Energy) को बढ़ावा देने के लिए बेहतरीन काम किया. ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को लेकर उनकी नीतियां और दूरदर्शिता आज भी मिसाल मानी जाती हैं.
शानदार रहा है प्रशासनिक सफर
PMO तक पहुंचने से पहले तरुण कपूर ने राज्य और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली हैं. उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) के तौर पर ऊर्जा, वन, और शहरी विकास जैसे अहम विभागों का जिम्मा संभाला है. फिर दिल्ली आने के बाद उन्होंने नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के साथ-साथ आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय में भी वरिष्ठ पदों पर काम किया है. तरुण कपूर का सबसे अहम कार्यकाल पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव के रूप में रहा है. इसी पद से वे साल 2021 में रिटायर हुए थे.
PMO में दूसरी बार बढ़ाया गया टर्म
रिटायरमेंट के बाद उनके अनुभव और विजन को देखते हुए, मई 2022 में उन्हें PMO में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सलाहकार नियुक्त किया गया था. ऊर्जा सेक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास की नीतियों में उनकी गहरी समझ के चलते पीएम मोदी उन पर काफी भरोसा जताते हैं. इसीलिए, जून 2024 में उनका टर्म दो साल के लिए बढ़ा दिया गया था, जो कल समाप्त हो गया. लेकिन कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनके कार्यकाल को 10 जून 2026 से अगले एक साल के लिए दोबारा बढ़ा दिया.
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