- ईरान ने तेल अवीव के करीब दस इलाकों में क्लस्टर बम और मिसाइलों से हमला कर भारी तबाही मचाई
- सऊदी अरब में अमेरिकी प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर ईरान ने बैलेस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया
- इस हमले में 15 अमेरिकी सैनिक घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है
मिडिल ईस्ट में जंग के बीच हालात अब पूरी तरह से बेकाबू हो चुके हैं. एक तरफ ईरान ने इजरायल और सऊदी अरब में अमेरिकी ठिकानों पर कहर बरपाया है, तो दूसरी तरफ अमेरिका और इजरायल ने भी जमकर पलटवार कर रहे हैं. जंग के बीच NDTV की टीम इजरायल के तेल अवीव पहुंची है. तेल अवीव की सड़कों पर ईरानी हमलों के बाद तबाही का मंजर देखा जा सकता है.
तेल अवीव में बरसे ईरान के क्लस्टर बम
जहां ईरानी हमलों से भारी नुकसान हुआ है. ईरान ने तेल अवीव के करीब 10 इलाकों को निशाना बनाते हुए मिसाइलें और क्लस्टर बम दागे हैं. इन हमलों में सड़कों पर कांच और मलबा बिछ गया है. हमले की चपेट में आकर एक 52 वर्षीय शख्स की जान चली गई, जो वहां गार्ड का काम करता था. ईरानी हमलों के बाद सड़कों पर तबाही का मंजर साफ देखा जा सकता है. इजरायली प्रशासन सड़कों से मलबा हटा रहे हैं. तेल अवीव की सड़कों पर खून के धब्बे दिखाई दे रहे हैं. वहीं आसपास की बिल्डिंग पर क्लस्टर बमों के निशान हैं.
सऊदी अरब में अमेरिकी एयरबेस पर ईरान का धावा
ईरान सिर्फ इजरायल को निशाना नहीं बना रहा, बल्कि खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी उसके टारगेट हैं. इस तरह ईरान ने अमेरिका को भी सीधा और बड़ा नुकसान पहुंचाया है. ईरान ने सऊदी अरब में मौजूद अमेरिका के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर अचानक 6 बैलेस्टिक मिसाइलें और 29 ड्रोन्स से हमला कर दिया. एयर डिफेंस सिस्टम इस हमले को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहा. सुरक्षित छुपने का मौका मिले बिना ही 15 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए, जिनमें 2 की हालत बेहद गंभीर है. IRGC का दावा है कि उसने इस एयरबेस पर मौजूद अमेरिका के एयर रिफ्यूलिंग हेडक्वार्टर को निशाना बनाया है, जिसमें अमेरिका के कई बड़े KC135 रिफ्यूलिंग विमान बर्बाद हो गए हैं.
तेहरान की यूनिवर्सिटी पर अमेरिका-इजरायल का पलटवार
इधर ईरान के इन हमलों का जवाब देने के लिए अमेरिका और इजरायल ने भी बड़ी कार्रवाई की है. दोनों देशों ने मिलकर बीती रात ईरान की राजधानी तेहरान की एक यूनिवर्सिटी को अपना निशाना बनाया. इस भयानक हमले के बाद यूनिवर्सिटी का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया है और वहां फंसे लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
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ट्रंप का बड़ा दावा, 'हमने ईरान को उखाड़ फेंका है'
एक तरफ युद्ध में यूएस सेंट्रल कमांड के मुताबिक अब तक 300 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मियामी से कुछ और ही दावा कर रहे हैं. ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान के दमनकारी शासन को उखाड़ फेंका है और उसके खतरे को पूरी तरह खत्म कर दिया है. हालांकि हैरानी की बात यह है कि ट्रंप के इस भाषण से ठीक पहले ही सऊदी अरब में अमेरिकी सैनिकों पर यह बड़ा हमला हुआ था. ट्रंप अब 'अब्राहम अकॉर्ड'के तहत इजरायल और सऊदी अरब पर अपने रिश्ते सामान्य करने का दबाव बना रहे हैं.
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