हिमाचल प्रदेश के नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बड़ा राजनीतिक उलटफेर करते हुए चार में से तीन नगर निगमों पर कब्जा जमा लिया है. सोलन, मंडी और धर्मशाला नगर निगम में बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस केवल पालमपुर नगर निगम बचाने में सफल रही. सत्ता में होने के बावजूद कांग्रेस के लिए यह नतीजे बड़ा झटका माने जा रहे हैं.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनावी परिणामों को 2027 के हिमाचल विधानसभा चुनाव से पहले जनता के मूड के संकेत के रूप में देखा जाएगा. खासकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू के लिए यह नतीजे चेतावनी माने जा रहे हैं.
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BJP खेमे में उत्साह
बीजेपी खेमे में उत्साह का माहौल है. पार्टी इन नतीजों को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले 'सेमीफाइनल की जीत' और 'बूस्टर डोज' के रूप में पेश कर रही है. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का राजनीतिक कद भी इन परिणामों के बाद और मजबूत हुआ माना जा रहा है.
कांग्रेस के लिए क्यों अहम हैं ये नतीजे?
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार होने के बावजूद शहरी क्षेत्रों में पार्टी को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला. पिछली बार जब राज्य में बीजेपी की सरकार थी, तब कांग्रेस सोलन और पालमपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रही थी. इस बार सोलन भी बीजेपी के खाते में चला गया.
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेतृत्व अब हार के कारणों की समीक्षा के लिए जल्द ही बड़ी बैठक कर सकता है. पार्टी संगठन और सरकार के प्रदर्शन की भी समीक्षा होने की संभावना है.
बीजेपी को मिला नया मनोबल
इन नतीजों से बीजेपी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिल रहा है. पार्टी अब इस जीत की लय को 2027 विधानसभा चुनाव तक बनाए रखने की रणनीति पर काम करेगी. शहरी क्षेत्रों में मिले समर्थन को बीजेपी अपने लिए सकारात्मक संकेत मान रही है.
कांग्रेस का पलटवार
हालांकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने नगर निगम चुनावों के आधार पर किसी बड़े राजनीतिक निष्कर्ष से बचने की सलाह दी है. उनका दावा है कि पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों के अन्य चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहा है.
सुक्खू के अनुसार, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने 29 स्थानों पर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी 21 स्थानों पर सफल रही. उन्होंने यह भी दावा किया कि पंचायत चुनावों में कांग्रेस समर्थित करीब 2400 प्रधान और बड़ी संख्या में उपप्रधान चुने गए हैं. मुख्यमंत्री का कहना है कि जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में भी कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन करेगी.
2027 का संकेत?
भले ही यह चुनाव स्थानीय निकायों के हों, लेकिन सोलन, मंडी और धर्मशाला जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों में बीजेपी की जीत ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है. कांग्रेस जहां इसे सीमित दायरे का चुनाव बता रही है, वहीं बीजेपी इसे जनता के बदलते रुझान और 2027 विधानसभा चुनाव की दिशा का संकेत मान रही है.
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