- ईरान में सैन्य कार्रवाई की धमकी दे रहे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का निर्वासित प्रिंस रजा पहलवी ने सपोर्ट किया
- पहलवी ने कहा कि निहत्थी जनता पर गोलियां चलवा रही दमनकारी सरकार से आजादी के लिए बाहरी मदद की जरूरत है
- उन्होंने कहा कि मौजूदा खामेनेई सरकार गिरने के बाद ईरान को अराजकता से बचाने के लिए उनके पास रोडमैप है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ विद्रोह कर रहे प्रदर्शनकारियों का खुलकर समर्थन कर रहे हैं. उनसे सरकारी संस्थानों पर कब्जा करने की अपील कर रहे हैं. साफ संकेत दे रहे हैं कि अमेरिका जल्द ही सैन्य कार्रवाई कर सकता है. ईरान के निर्वासित प्रिंस रजा पहलवी इसमें कुछ गलत नहीं मानते. उनका कहना है कि ईरान की जनता को इस वक्त बाहरी मदद की जरूरत है. इसे विदेशी दखल की तरह नहीं देखना चाहिए.
अमेरिकी दखल को लेकर क्यों बदले विचार, बताया
फॉक्स न्यूज से खास इंटरव्यू में निर्वासित प्रिंस पहलवी से सवाल किया गया कि पहले वह ईरान में अमेरिका के सैन्य दखल का विरोध करते रहे हैं. अब उनके विचार क्यों बदल गए हैं. इस पर पहलवी ने कहा कि जब कोई सरकार अपनी ही जनता का नरसंहार करने लगे, अपने ही लोगों के खिलाफ जंग छेड़ दे, निहत्थे नागरिकों पर सेना से गोलीबारी कराए तो कोई भी मूकदर्शक नहीं बने रहना चाहेगा.
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'ईरान की जनता को बाहरी मदद की जरूरत है'
ईरान के भविष्य और अंतरराष्ट्रीय भूमिका को लेकर रजा पहलवी ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव का भी संकेत देते हुए कहा कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों और हथियारों से लैस सेना के बीच कोई बराबरी नहीं है. ऐसे में उस दमनकारी ताकत को बेअसर करने के लिए बाहरी मदद की जरूरत है. पहलवी ने अमेरिकी हस्तक्षेप को राष्ट्र के लोगों द्वारा खुद को आजाद करने में मदद करार दिया और स्पष्ट किया कि वे ईरान पर किसी विदेशी हमले के पक्ष में नहीं हैं, बल्कि ईरानी जनता को सशक्त बनाने के लिए अतिरिक्त सहायता मांग रहे हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब केवल निंदा करने के बजाय ईरान में ठोस कदम उठाने की जरूरत है.
ट्रंप के बयानों से ईरानियों में उमड़ा उत्साह
निर्वासित प्रिंस ने अमेरिकी प्रशासन और राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया बयानों का स्वागत करते हुए कहा कि इन्होंने ईरानी जनता के बीच जंगल की आग जैसी ऊर्जा पैदा कर दी है. लोग अब इस उम्मीद में सड़कों पर दोबारा उतर रहे हैं कि इस बार उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और न ही राजनीतिक हितों के लिए उनके संघर्ष का सौदा किया जाएगा.
ईरान को अराजकता से कैसे बचाएंगे, बताया रोडमैप
ईरान की मौजूदा खामेनेई सरकार के पतन की संभावनाओं के बीच रजा पहलवी ने एक व्यापक प्लान ऑफ एक्शन साझा किया. उन्होंने बताया कि उनके पास एक स्पष्ट रोडमैप है कि सत्ता परिवर्तन के दौरान ईरान को अराजकता से कैसे बचाया जाए. उनका लक्ष्य ईरान में एक लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष प्रणाली की स्थापना करना है, जहां धर्म और राजनीति अलग-अलग हों.
संवैधानिक सभा, अंतरिम सरकार का खाका
पहलवी ने बताया कि मौजूदा सरकार गिरने के तुरंत बाद एक संवैधानिक सभा का गठन किया जाएगा. यह सभा पारदर्शी तरीके से तय करेगी कि ईरान का नया स्वरूप कैसा होना चाहिए. उन्होंने बताया कि एक अंतरिम सरकार बनाई जाएगी जो चुनाव होने तक देश का कामकाज संभालेगी. इसके लिए ईरान के अंदर और बाहर मौजूद एक्सपर्ट्स, वकीलों और अर्थशास्त्रियों की एक मजबूत टीम लगातार संपर्क में है.
'तानाशाह की मौत से कम पर समझौता नहीं'
निर्वासित प्रिंस ने यह भी बताया कि ईरान के अंदर सिविल सोसाइटी के कई लोग और विशेषज्ञ उनकी टीम का हिस्सा हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से उनकी पहचान गोपनीय रखी गई है. उन्होंने 2009 की हरित क्रांति की गलतियों से सीखने की बात कही और भरोसा जताया कि इस बार जनता तानाशाह की मौत से कम पर समझौता नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य ऐसा ईरान बनाना है, जहां स्वतंत्र चुनाव के जरिए जनता खुद अपना भविष्य तय कर सके.
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