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ईरान में महिला समेत 4 और लोगों को सुनाई सजा-ए-मौत, ह्यूमन राइट्स NGO ने जताई चिंता

ईरान ने विरोध प्रदर्शनों के आरोप में एक महिला समेत चार और लोगों को मौत की सजा सुनाई है. इस पर मानवाधिकार समूहों ने चिंता जताई.

ईरान में महिला समेत 4 और लोगों को सुनाई सजा-ए-मौत, ह्यूमन राइट्स NGO ने जताई चिंता

एक ओर मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है, वहीं दूसरी ओर ईरान में मानवाधिकारों के दमन की खबरें एक बार फिर सुर्खियों में है. कई मानवाधिकार समूहों ने बताया है कि ईरानी अधिकारियों ने इस साल जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में चार और लोगों को मौत की सजा सुनाई है, जिनमें एक महिला भी शामिल है. इन पर अमेरिका के लिए काम करने और सुरक्षा बलों पर हमला करने के गंभीर आरोप लगाए गए.

इस मामले में 7 लोगों को पहले ही दे चुका है फांसी

ईरान पहले ही इन विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में सात लोगों को फांसी दे चुका है. एनजीओ कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन विरोध प्रदर्शनों को एक सख्त कार्रवाई के जरिए दबा दिया गया था, जिसमें हजारों लोग मारे गए और हजारों अन्य गिरफ्तार किए गए. मानवाधिकार समूह ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह समाज में डर पैदा करने के लिए मौत की सजा को दमन के एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है. उन्होंने चिंता जताई कि इजरायल और अमेरिका के खिलाफ चल रहे संघर्ष के चलते मौत की सजा देने की रफ्तार और बढ़ सकती है.

अमेरिका स्थित 'ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी' (HRANA) और 'अब्दुर्रहमान बोरूमंद सेंटर' ने अलग-अलग बयानों में बताया कि इन चारों को तेहरान की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई है. इस अदालत की अध्यक्षता जज इमाम अफशारी कर रहे थे. इन चारों को अमेरिका की ओर से काम करने का दोषी पाया गया था.

क्या था आरोप?

इन पर आरोप था कि इन्होंने राजधानी में एक रिहायशी इमारत से सुरक्षा बलों पर कंक्रीट के टुकड़े फेंके थे. यह साफ नहीं हो पाया कि यह फैसला कब सुनाया गया था. जिन चार लोगों को दोषी ठहराया गया, उनके नाम मोहम्मदरेजा मजीदी-असल और उनकी पत्नी बीता हेम्मती हैं. इनके अलावा दो अन्य बेहरोज जमानीनेजाद और कोरोश जमानीनेजाद भी दोषी पाए गए. ये दोनों भी उसी तेहरान स्थित इमारत में रहते थे, जहां यह कपल रहता था.

माना जा रहा है कि हेम्मती पहली ऐसी महिला हैं, जिन्हें इन विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में मौत की सजा सुनाई गई है. 'अब्दुर्रहमान बोरूमंद सेंटर' ने यह भी कहा कि उसे विश्वास है कि हेम्मती ही वह महिला हैं, जो जनवरी में सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक वीडियो में दिखाई दी थीं. उस वीडियो में न्यायपालिका के प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई खुद उनसे पूछताछ करते हुए नजर आ रहे थे.

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नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) और पेरिस स्थित टुगेदर अगेंस्ट द डेथ पेनल्टी (ECPM) ने सोमवार को ईरान में मौत की सजा पर अपनी संयुक्त वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि 2025 में कम से कम 1,639 लोगों को फांसी दी गई है, जिनमें 48 महिलाएं भी शामिल हैं. IHR ने चेतावनी दी है कि जिन सात लोगों को पहले ही फांसी दी जा चुकी है, उनके अलावा जनवरी के विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में गिरफ्तार कम से कम 26 अन्य लोगों को भी मौत की सजा सुनाई गई है. सैकड़ों अन्य लोगों पर ऐसे आरोप हैं जिनके कारण उन्हें भी फांसी दी जा सकती है.

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