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'दुनिया मान चुकी है अमेरिका जंग हार गया...', US-ईरान युद्ध को लेकर अब किसने कही ये बात

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने दावा किया कि अमेरिका के साथ टकराव में ईरान विजयी रहा है और दुनिया भी इसे स्वीकार कर चुकी है, जबकि ट्रंप प्रशासन ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक दबाव बनाने की तैयारी कर रहा है.

'दुनिया मान चुकी है अमेरिका जंग हार गया...', US-ईरान युद्ध को लेकर अब किसने कही ये बात
ट्रंप प्रशासन के लिए मिडिल ईस्ट में दो नई चिताएं हैं.
AFP

मिडिल ईस्ट में तनाव की लपटें एक बार फिर से सरहदों को लांघ रहा है. एक तरफ जहां अमेरिका ईरान की कमर तोड़ने के लिए उसके खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक शिकंजा कसने की तैयारी में है, वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का दावा है कि अमेरिका के साथ जारी इस जंग में ईरान विजयी होकर उभरा है और खुद पूरी दुनिया ने अब इस सच्चाई को स्वीकार कर लिया है.

दूसरी ओर, सीरिया और इजरायल के बीच दशकों से विवाद का कारण बने 'गोलान हाइट्स' को लेकर अमेरिका के अपने ही राजदूत का एक बयान आ गया है, जिसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुराने फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

'अमेरिका से जंग जीत चुका है ईरान, दुनिया ने भी लगाई मुहर'

ईरानी सरकारी मीडिया (IRNA) की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि अब अमेरिका के साथ जारी टकराव को खत्म हो जाना चाहिए, क्योंकि दुनिया यह मान चुकी है कि इस युद्ध में ईरान की जीत हुई है. 

पेजेश्कियन ने कहा, "पूरी दुनिया हमारी जीत पर अपनी सहमति दे चुकी है और इस वक्त अमेरिका पूरी दुनिया में नफरत का पात्र बन चुका है."

ईरान का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब वाशिंगटन से ट्रंप प्रशासन ईरान पर चौतरफा 'आर्थिक हमला' करने की रणनीति बना रहा है. 

ट्रंप प्रशासन इसे 'इकोनॉमिक डी-डे' का नाम दे रहा है. इसका मकसद ईरान को आर्थिक तौर से पूरी तरह अलग-थलग करना है. ट्रंप का सीधा फरमान है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर पूरी तरह रोक लगाए और तेल व प्राकृतिक गैस के टैंकरों की आवाजाही के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह सुरक्षित और बहाल करे.

अपने ही विशेष दूत के बयान से मचा बवाल

ईरान के साथ जारी इस तनाव के बीच तुर्किये में अमेरिकी राजदूत और सीरिया के विशेष दूत टॉम बैरक के एक इंटरव्यू ने वाशिंगटन के विदेश नीति को असहज कर दिया है. 

एक इंटरव्यू में टॉम बैरक ने कहा कि इजरायल आज भी संयुक्त राष्ट्र (UN) के प्रस्तावों का उल्लंघन करते हुए गोलान हाइट्स पर 'अवैध रूप से कब्जा' जमाए हुए है. गौरतलब है कि इजरायल ने 1967 के युद्ध में सीरिया से गोलान हाइट्स को छीना था और 1981 में इसे अपना हिस्सा घोषित कर दिया था. हालांकि, संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) आज भी इसे सीरिया का ही अधिकृत इलाका मानता है.

मार्च 2019 में ट्रंप ने दशकों पुरानी अमेरिकी नीति को बदलते हुए गोलान हाइट्स पर इजरायल के अधिकार को आधिकारिक मान्यता दी थी. 
 

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