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तेहरान के पास फिर उठा धुएं का गुबार, कई धमाके भी सुने गए; मध्य पूर्व में क्या हो रहा है?

तेहरान के पास परांद शहर से एक इमारत से जबरदस्त काला धुआं उठता दिखाई दिया है. शुरुआत में यहां धमाका होने का दावा किया गया था.

तेहरान के पास फिर उठा धुएं का गुबार, कई धमाके भी सुने गए; मध्य पूर्व में क्या हो रहा है?
  • तेहरान के पास परांद शहर में एक नदी किनारे सरकंडों में लगी आग से काला धुआं उठता हुआ देखा गया है
  • शुरुआती रिपोर्ट में धमाका होने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में आग लगने की पुष्टि की गई
  • शिराज प्रांत के बाहरी इलाके में पहाड़ी क्षेत्र में एक धमाके की आवाज सुनाई दी, कारण अभी अनजाना है
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तेहरान:

ईरान की राजधानी तेहरान के पास परांद शहर में एक इमारत से काला धुआं उठता हुआ दिखाई दिया है. स्थानीय मीडिया में जिन इलाकों से धुआं उठता दिख रहा है, वह तेहरान के कई मिलिट्री और स्ट्रेटजिक जगहों के पास हैं. सरकारी मीडिया ने परांद फायर डिपार्टमेंट के हवाले से बताया है कि परांदी नदी के किनारे सरकंडों में आग लगी है, जिस कारण काला धुआं उठ रहा है. फायर फाइटर्स मौके पर हैं और आग बुझाने का काम चल रहा है.

ईरान के सरकारी चैनल IRIB ने बताया कि बुधवार को तेहरान प्रांत के परांद शहर में एक इमारत के ऊपर धुआं उठता देखा गया. शुरुआती रिपोर्ट्स में यहां पर धमाका होने का दावा किया गया था. हालांकि, बाद में सरकारी मीडिया ने कहा कि धुआं बिल्डिंग के पास एक नदी किनारे सरकंडों में आग लगने की वजह से उठा था.

वहीं, इससे पहले शिराज प्रांत में शहर के बाहरी इलाके में एक पहाड़ी इलाके में एक धमाके की आवाज सुनाई दी. हालांकि, ये धमाका कैसे हुआ? इसका अभी तक पता नहीं चला है. 

छिड़ सकता है अमेरिका-ईरान में युद्ध

यह धमाका ऐसे समय हुआ जब इलाके में तनाव बढ़ रहा है. अमेरिका मध्य पूर्व में और फाइटर जेट, जंगी जहाज और एयर डिफेंस सिस्टम के साथ अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है. साथ ही ईरान के साथ उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत चल रही है और अगर डिप्लोमेसी फेल हो जाती है तो टकराव का खतरा भी है.

इसी बीच एक न्यूज वेबसाइट एक्सियोस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच कुछ ही दिनों में सैन्य टकराव शुरू हो सकता है और यह कई हफ्तों खिंच सकता है. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने एक्सियोस को बताया कि आने वाले हफ्तों में अमेरिकी मिलिट्री एक्शन की संभावना 90 परसेंट तक है. 

हालिया दिनों में अमेरिकी सेना ने मध्य पूर्व में अपनी मैौजूदगी बढ़ाई है. ओपन-सोर्स फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि दर्जनों फाइटर जेट, जिनमें F-22, F-35 और F-16 शमिल हैं, उन्हें भेजा जा रहा है. ये तब हुआ जब परमाणु समझौते को लेकर अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत में कोई खास प्रोग्रेस नहीं हुई. यूरेनियम एनरिचमेंट को लेकर अब भी रजामंदी नहीं बन सकी है. वहीं, हाल ही में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिका को धमकी देते हुए कहा था कि ईरान के पास ऐसे हथियार हैं जो अमेरिकी जंगी जहाजों को समंदर की गहराई में दफन कर सकते हैं.

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