जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की तरफ 'सिंधु जल समझौता' (IWT) निलंबित किए जाने से पाकिस्तान पूरी तरह बौखला गया है. भीषण गर्मी और अल-नीनो के प्रभाव के कारण पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में एक तथाकथित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया है.
इस मंच से पाकिस्तान ने बेहद हताशा में चेतावनी दी है कि यदि 1960 से चला आ रहा यह जल समझौता टूटा, तो कागजों पर टिकी पूरी वैश्विक व्यवस्था ही ध्वस्त हो जाएगी. दरअसल, अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करते हुए इस ऐतिहासिक समझौते को स्थगित कर दिया था.
पुराना राग अलाप रहा पाकिस्तान
इस्लामाबाद में 'सिंधु जल संधि: शांति और क्षेत्रीय स्थिरता का एक प्रमुख साधन' विषय पर आयोजित सेमिनार में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार ने भारत के फैसले को 'अवैध' बताया है.
Video of the address by Deputy Prime Minister/Foreign Minister Senator Mohammad Ishaq Dar @MIshaqDar50 at the International Seminar on IWT: An Instrument of Peace and Regional Stability at Jinnah Convention Centre. pic.twitter.com/LUljAZTYVY
— Ministry of Foreign Affairs - Pakistan (@ForeignOfficePk) June 30, 2026
पानी रोकने पर पाकिस्तान की 'युद्ध की धमकी'
पाकिस्तानी उपप्रधानमंत्री ने भारत को गीदड़भभकी देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान के हिस्से का पानी मोड़ने, रोकने या कम करने की कोई भी कोशिश की गई, तो उसे एक्ट ऑफ वॉर माना जाएगा.
उन्होंने बताया कि भारत के फैसले के बाद पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने इस रुख को मंजूरी दी है. इशाक डार ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान को उसके हक के पानी से वंचित करने के परिणाम पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर होंगे. इस दौरान उन्होंने पानी को मानव गरिमा और खाद्य सुरक्षा से जोड़ते हुए भावुक कार्ड खेलने की भी कोशिश की.
बिलावल भुट्टो ने क्या कहा?
इस सम्मेलन में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि सिंधु नदी को लेकर कोई समझौता या सौदेबाजी नहीं हो सकती. बिलावल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जलमार्गों के हथियारीकरण के खिलाफ एक नए वैश्विक सम्मेलन का प्रस्ताव रखा. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान अपनी संप्रभुता, पानी और अपने लोगों की रक्षा के लिए पूरी ताकत से खड़ा है.
भारत की तरह से आतंकवाद को दिए जा रहे समर्थन के मुख्य मुद्दे को दरकिनार करते हुए बिलावल ने कहा कि सिंधु नदी कोई दबाव बनाने का जरिया या 'बार्गेनिंग चिप' नहीं है.

बिलावल भुट्टो जरदारी
इस पूरे मामले पर नई दिल्ली से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तुरंत सामने नहीं आई, लेकिन संयुक्त राष्ट्र (UN) के 'विश्व जल दिवस 2026' के एक कार्यक्रम में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वथनेनी ने देश का रुख साफ कर दिया.
उन्होंने कहा कि बार-बार की उकसावे वाली हरकतों और द्विपक्षीय बातचीत की विफलता के बाद भारत को मजबूरन इस समझौते को ठंडे बस्ते में डालना पड़ा है. भारतीय राजनयिक ने दोटूक शब्दों में कहा कि सिंधु जल समझौता तब तक निलंबित रहेगा, जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना बंद करने के लिए विश्वसनीय और ठोस कदम नहीं उठाता.
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