NEET Result Controversey : पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को निर्देश दिया है कि NEET-UG 2026 की एक उम्मीदवार की ओरिजिनल OMR शीट और दो स्कोर कार्ड सीलबंद लिफाफे में जमा करे. दरअसल, पंजाब के गुरदासपुर जिले की रहने वाली 19 साल की दीक्षा देवी ने नीट यूजी के रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की थी. जिसकी सुनवाई करते हुए जस्टिस सुवीर सहगल और जस्टिस दीपइंदर सिंह नलवा की डिवीजन बेंच ने NTA और भारत सरकार से कहा है कि वे याचिकाकर्ता की ओरिजिनल OMR शीट और दोनों स्कोर कार्ड सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के सामने पेश करें.
क्या है पूरा मामला
याचिका के अनुसार, दीक्षा देवी ने NEET-UG 2026 परीक्षा दी थी, जो मूल रूप से 3 मई को आयोजित हुई थी. बाद में 21 जून को दोबारा NEET परीक्षा आयोजित की गई. NTA ने 13 जुलाई को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उसकी OMR शीट अपलोड की, जिसके बाद उसने अपने आंसर की जांच करने और अपने नंबर कैलकुलेट करने के लिए उसकी एक कॉपी डाउनलोड की.
याचिका में दावा किया गया है कि जब 16 जुलाई को NEET-UG 2026 के परिणाम घोषित किए गए, तो उसका स्कोर 720 में से 85 दिखाया गया. हालांकि, NTA वेबसाइट से डाउनलोड की गई OMR शीट में आंसर चेक करने के बाद, उसने कैलकुलेट किया तो उसका स्कोर 520 आ रहा था.
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि OMR शीट और घोषित परिणाम के बीच का अंतर मूल्यांकन प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियों की ओर इशारा करता है. उसके वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि 17 जुलाई को NTA ने कथित तौर पर उसे एक और OMR शीट भेजी, जो एजेंसी की वेबसाइट से पहले डाउनलोड की गई शीट से अलग थी.
520 से 85 कर दिए गए
हाई कोर्ट ने आरोपों पर संज्ञान लिया और जांच के लिए NTA से ओरिजिनल रिकॉर्ड मांगे. यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि उम्मीदवार का दावा है कि उसे दो अलग-अलग OMR शीट मिलीं और अंतिम परिणाम में उसके अंक कथित तौर पर 520 से घटाकर 85 कर दिए गए.
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