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भारत के इस नटवरलाल ने दुनिया के 64 दौलतमंदों को 336 करोड़ का चूना लगाया, टेलर स्विफ्ट के पति को भी नहीं छोड़ा, पाकिस्तान में लगाया पैसा

भारतीय मूल के बिजनेसमैन सिद्धार्थ जवाहर को अमेरिका में 11 साल जेल की सजा सुनाई गई है. कोर्ट के डॉक्यूमेंट के मुताबिक सिद्धार्थ जवाहर साल 2005 से अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा था. उसने निवेश के पैसे का इस्तेलाम खुद पर भी जमकर किया.

भारत के इस नटवरलाल ने दुनिया के 64 दौलतमंदों को 336 करोड़ का चूना लगाया, टेलर स्विफ्ट के पति को भी नहीं छोड़ा, पाकिस्तान में लगाया पैसा
सिद्धार्थ जवाहर (बाएं) को अमेरिका में 11 साल जेल की सजा मिली है
  • अमेरिका में भारतीय मूल के बिजनेसमैन सिद्धार्थ जवाहर ने 336 करोड़ रुपये से अधिक की पोंजी स्कीम चलाई थी
  • सिद्धार्थ को अमेरिकी कोर्ट ने 11 साल की जेल की सजा सुनाई और निवेशकों को 3.13 करोड़ डॉलर लौटाने का आदेश दिया
  • जवाहर ने निवेशकों से लिए गए पैसे का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान की तंबाकू कंपनी में लगाया और वास्तविक स्थिति छुपाई

अमेरिका में भारतीय मूल के एक बिजनेसमैन ने ऐसा स्कैम किया है बड़े-बड़े लोग उसमें फंस गए हैं. इस शख्स ने एक बड़ी पोंजी स्कीम चलाई और 35 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 336 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी की. कुल 64 लोगों को चूना लगाया गया है और शिकार लोगों में अमेरिकी पॉप स्टार टेलर स्विफ्ट के पति ट्रैविस केल्स भी शामिल हैं. इस शख्स का नाम सिद्धार्थ जवाहर है, जो एक फाइनेंसियल एडवाइजर हैं. अब कोर्ट ने सिद्धार्थ को 11 साल जेल की सजा सुनाई है.

क्या है पूरा मामला

अमेरिका के मिसौरी ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट के यूएस अटॉर्नी ऑफिस के मुताबिक, सिद्धार्थ जवाहर को मंगलवार को सजा सुनाई गई. उन्हें केल्से समेत दूसरे निवेशकों को कुल 3.13 करोड़ डॉलर वापस करने का भी आदेश दिया गया है.

38 साल का सिद्धार्थ जवाहर टेक्सास की कंपनी स्विफ्टआर्क कैपिटल का सह-संस्थापक और मैनेजिंग पार्टनर थे. ट्रैविस केल्से भी इस कंपनी के निवेशकों में शामिल थे. कोर्ट के मुताबिक, यह धोखाधड़ी साल 2016 से चल रही थी.

जज जैकरी एम. ब्लूस्टोन ने कहा कि धोखाधड़ी लंबे समय तक चली, इसमें बहुत बड़ी रकम का नुकसान हुआ और सिद्धार्थ जवाहर ने नुकसान उठाने वाले निवेशकों को पैसे लौटाना शुरू नहीं किया. ये सभी बातें उसकी सजा तय करने में अहम रहीं.

निवेशकों के पैसे के साथ क्या किया?

सिद्धार्थ जवाहर ने निवेशकों से मिले लगभग पूरे पैसे को फिलिप मॉरिस पाकिस्तान (PMP) में लगा दिया. PMP पाकिस्तान की तंबाकू बनाने वाली कंपनी है. जब PMP की कीमत गिरने लगी, तो उसने निवेशकों को सच्चाई नहीं बताई. इसके बजाय सिद्धार्थ जवाहर ने कहा कि निवेश से मुनाफा हो रहा है. उसने कुछ निवेशकों से यह भी झूठ बोला कि उनका पैसा अलग-अलग निवेशों में लगाया गया है और वहां से कमाई हुई है. जबकि असल में उसने उन निवेशों में पैसा लगाया ही नहीं था.

कोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2016 से दिसंबर 2023 के बीच जवाहर ने स्विफ्टआर्क से 3.5 करोड़ डॉलर से ज्यादा लिए. लेकिन उसने इसमें से केवल करीब 1 करोड़ डॉलर ही निवेश किया. बाकी पैसे का इस्तेमाल उसने प्राइवेट जेट, महंगे होटल, टेक्सास और न्यूयॉर्क में लग्जरी अपार्टमेंट, महंगे कपड़े और खाने, और प्राइवेट क्लबों की सदस्यता जैसी चीजों पर किया.

जवाहर ने अपना जुर्म कबूल किया

जवाहर ने जनवरी में वायर फ्रॉड यानी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से धोखाधड़ी के तीन मामलों में अपना अपराध कबूल कर लिया था. कोर्ट के डॉक्यूमेंट के मुताबिक, सिद्धार्थ जवाहर मूल रूप से भारत का रहने वाला है और साल 2005 से अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा था. इस बीच, KMOV की रिपोर्ट के अनुसार, मिसौरी से अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के सदस्य सैम ग्रेव्स ने एक संघीय जज को पत्र लिखकर सिद्धार्थ को सजा सुनाते समय कुछ नरमी बरतने की अपील की थी.

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